मध्य प्रदेश : गुलाब सागर बांध के गेट हटाओ किसान बचाओ आंदोलन 20 फरवरी 2018 से


मध्य प्रदेश के सीधी जिले के किसानों ने टोंको- रोको -ठोको क्रांतिकारी मोर्चा के बैनर तले 20 फरवरी 2018 से गुलाब सागर बांध के गेट हटाओ किसान बचाओ आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है..

5 फ़रवरी 2018 सीधी । जिस तरह से गत दिनों गुलाब सागर बांध की ऊंचाई बढ़ाने हेतु भू-अर्जन से प्रभावित किसानों द्वारा पदयात्रा कर एस डी एम कार्यालय मझौली के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया था जिसमें भू अर्जन अधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में धरना स्थल पर नायब तहसीलदार पहुंच कर किसानों द्वारा सौंपे गये ज्ञापन पत्र के बिंदुओं के संबंध में वादा किया गया था कि जानवरी के अंदर टीम गठित कर एवं तिथि निर्धारित कर किसानों को पत्र जारी कर पूर्व से अवगत कराया जाएगा तथा किसानों की शिकायत अनुसार प्रभावित ग्रामों में किसानों के समक्ष सर्वे तैयार किया जाएगा। लेकिन नियत तिथि बीत जाने के बाद प्रशासन की वादाखिलाफी के विरोध में 5 फरवरी को ग्राम छुही में पीड़ित किसानों की बैठक हुई।

बैठक में अपनी बात रखते हुए टोंको- रोको -ठोको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी द्वारा प्रशासन के वादाखिलाफी की निंदा करते हुए आरोप लगाया है कि ऐसे निकम्मे व लापरवाह प्रशासनिक अधिकारी मझौली एस डी एम व नायब तहसीलदार मझौली पद में बने रहने लायक नहीं है क्योंकि जो कार्य इनके पदीय दायित्व में आता है जिसके लिए विधिवत यह जिम्मेदार है उसको न करके इन्होंने अपराध किया है। प्रभावित किसानों द्वारा पदयात्रा कर धरना प्रदर्शन किया गया एवं विसंगत बिंदुओं का ज्ञापन पत्र भी दिया गया इसे संज्ञान में लेकर त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए ऐसा नहीं किया गया जिससे साबित होता है कि उपखंड अधिकारी अपने दायित्वों के प्रति कितने संवेदनहीन हैं ।

इनके खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए और इन्हें पद से हटाया जाना चाहिए। इसी तरह खड्डी  एवं हनुमानगढ़ अंचल में गुलाब सागर बांध की नहर से सप्लाई हो रहे पानी से भी कई ग्राम के किसान प्रभावित हैं पानी सप्लाई होने वाली नहर खराब होने से काफी मात्रा में रिसाव होने से पानी खेतों में बहता रहता है जिससे ज़मीन दलदली  होने की वजह से कृषि करने लायक नहीं रहती है।इन अंचल से पहुंचे किसानों द्वारा अपनी समस्या बताते हुए आंदोलन में समर्थन देने  व उनकी समस्या भी निदान के लिए ज्ञापन पत्र में शामिल किए जाने की मांग की गई।

बैठक में सामिल प्रभावित किसानों ने भी प्रशासन के वादा खिलाफी पर आक्रोश प्रकट करते हुए निंदा किए हैं ।बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 20 फरवरी से गुलाब सागर बांध के मेढ़ में "गेट हटाओ किसान बचाओ आंदोलन" अनिश्चितकालीन किया जाएगा। किसानों ने माना कि प्रशासन के लोगों की  उदासीनता और निकम्मेपन  के चलते किसानों को मजबूर होकर  आंदोलन करना पड़ रहा है। बैठक में सभी वक्ताओं ने प्रशासन के वादाखिलाफी पर कड़े शब्दों में निंदा की है ।

छुही विद्यालय के  अव्यवस्था पर भी  लोगों में आक्रोश  :

बैठक में  छुही के ग्रामीणों द्वारा  बताया गया कि  गत 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन विद्यालय में अध्ययनरत  बालिका  ज्योती कोल की सड़क दुर्घटना में  मौत हो जाने की वजह से  काफी देर तक  चक्का जाम रहा । जहां मौके से पहुंचे मझौली एस डी एम एवं उनके अधीनस्थ कर्मचारी जो कि स्थल पंचनामा तैयार किए है। जिसमें बताया गया कि विद्यालय में पदस्थ प्रधानाध्यापक काफी लापरवाह एवं रिश्वतखोर है जो अनुबंधित स्व सहायता समूह को फर्जी उपस्थिति देकर नाजायज लाभ दिला रहा है एवं विद्यालय में पठन पाठन का कार्य  काफी निम्न स्तर का  हो गया है । विद्यालय के सामने मेन रोड में ब्रेकर ना होने से आए दिन दुर्घटना होती है। उसी पंचनामा के आधार पर आक्रोशित लोगों के समक्ष एस डी एम द्वारा वादा किया गया था कि 3 दिन के अंदर विद्यालय के प्रधानाध्यापक को हटा दिया जाएगा और पंचनामा के आधार पर समुचित कार्रवाई की जाएगी ।बावजूद इसके 10 दिन बीत जाने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। बैठक में शामिल प्रमुख लोगों में राजकुमार तिवारी तिवारी कार्यकर्ता क्रांतिकारी मोर्चा , शिवकुमार सिंह भूमका कार्यकर्ता क्रांतिकारी मोर्चा ,विष्णु बहादुर सिंह खड्डी, जगन्नाथ जायसवाल, पदम नाथ सिंह रामनरेश कुशवाहा कार्यकर्ता, क्रांतिकारी मोर्चा, श्रीपाल सिंह प्रभावित किसान सेंधवा, रामचरण सोनी कार्यकर्ता जन अधिकार संगठन, विद्याचरण शुक्ला कार्यकर्ता जन अधिकार संगठन सीधी, कुसुमकाली सरपंच सेंधवा दीप नारायण सिंह खड्डी सहित  काफी संख्या में प्रभावित किसान शामिल रहे।

उमेश तिवारी सीधी म. प्र.

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