मामा बालेश्वर दयाल स्मृति यात्रा का तीसरा दिन : 26 दिसम्बर को बामनिया में समापन


हज़ारों अनुयायियों के द्वारा  की जा रही  मामा बालेश्वर दयाल स्मृति यात्रा का आज तीसरा दिन
1965 में वीरागुरुजी ने शुरू की थी यात्रा
मेधा पाटकर 25 को शरद यादव 26 को बामनिया पहुंचेंगे।

 समाजवादी चिंतक ,समाजसुधारक एवं पूर्व सांसद की स्मृति में निकाली गई यात्रा आज  तीसरे दिन राम मंदिर माताशूला से शुरू होकर वीरागुरुजी घाटा गडली पहुंची ।

यात्रा 21 दिसम्बर को मामा जी की धूनी मामा देव कथेड़ छोटी सादड़ी एवं राम मंदिर जगलवद धरियावद प्रतापगढ़ से शुरू होकर ,राम मंदिर पावटी ,पीपलखूंट होकर 22 रात्रि को माताशुला पहुंची थी।

यात्रा मामा बालेश्वर दयाल जी की 19वी पुण्यतिथि पर 25 दिसम्बर कोभीलआश्रम ,बामनिया,झाबुआ पहुंचेगी।24 दिसम्बर को संगसेरी से बडी सर्वा पहुंचेगी। यात्रा में 25 दिसम्बर को नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर और 26 दिसम्बर को  वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव जी,अरुण श्रीवास्तव,गोविंद यादव ,रामस्वरूप मंत्री ,राजेश बैरागी ,लीला धर चौधरी  शामिल होंगे

मामा जी की स्मृति यात्रा का यह 19 वर्ष है।मामा जी के जीवन काल मे ही 1965 में वीरागुरुजी ने बारां छेत्र से यह यात्रा शुरू की थी।1969रकमा गुरुजी ने इस यात्रा को , मामाजी की है ललकार  ,दारू दापा(दहेज) छूटेगा।काला कपड़ा छोड़ना है ,हरा कपड़ा पहनना है।पीतल के गहने पहनना बन्द करना है।कमानेवाला खाएगा लूटनेवाला जाएगा।अंधेरे में तीन प्रकाश गांधी लोहिया जयप्रकाश आदि नारों  के साथ आगे बढ़ाया था।

इस वर्ष यात्रा का नेतृत्व पुंजा महाराज ,रामलाल निनामा ,श्रीमती कमला बाई ,नाथू महाराज ,लक्मन भाई ,गौतम भाई मोरवनीया ,मगनलाल जी एवम मालती बाई द्वारा किया गया।

यात्रा में  डॉ सुनीलम, जन आन्दोलनो का राष्ट्रीय सम्मेलन ,नशा मुक्त भारत आंदोलन ,समाजवादी समागम का राष्ट्रीय संयोजक और मध्यप्रदेश में मुलताई से 1998 से दो बार  विधायक  विशेष तौर पर शामिल हुए वे  गत वर्ष भी यात्रआ में शामिल हुए ,उन्होंने मामा जी पर क्रांति कुमार वैद्य जी के साथ 6 किताबें निकाली है।मामा की जन्म शताब्दी  वर्ष में जन्म स्थान निवाड़ी कला ( इटावा) से बामनिया तक यात्रा  भी निकाली थी।

यात्रा के दौरान विभिन्न सभाओं को सम्बोधित करते हुए डॉ सुनीलम ने कहा कि सरकारेँ जिन भीलों को कुछ नही समझती उन्होंने मामाजी को स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी प्रणेता से  देवता बना दिया ,जो इतिहास की ऐतिहासिक घटना है।उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि नई युवा पीढ़ी बड़े पैमाने पर मामाजी से जुड़ रही है।डॉ सुनीलम ने कहा कि मामाजी के भक्ति आंदोलन के चलते आज भी उनके अनुयायी शराब , मांस ,दहेज प्रथा से दूर है। उन्होंने ने कहा कि मामाजी ने जमींदारी उन्मूलन कराया और कर्ज़ा मुक्ति के लिए संघर्ष किया आज मामाजी के अनुयायियों को देश में अखिल किसान संघर्ष समन्वय समिति में चलाए जा रहै किसानों की सम्पूर्ण कर्ज़ा मुक्ति और किसानी की लागत से डेढ़ गुना समथन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने के लिए आन्दोलन  को मजबूती देने की जरूरत है

पुंजा महाराज ने कहा कि मामाजी ने हमे आज़ादी दिलाई और भक्ति आंदोलन से जोड़ा ,हम मामाजी के सपनो का समाज और भारत निर्माण करने के लिए दिन रात  गांव गांव जाकर मामाजी के विचारों और भजनों का प्रचार प्रसार करते है।

नाथू महाराज ने कहा कि वीरागुरुजी और रकमा गुरुजी के माध्यम से भक्ति आंदोलन चला ,हम आज भी वही मामाजी का आंदोलन चला रहे है।

मास्टर रामलाल निनामजी ने कहा कि मामाजी और रकमा जी दोनों शिक्षक थे ।उन्होंने कहा था शिक्षक सप्ताह में नौकरी के बाद एक दिन देकर समाज सुधार का काम कर सकते है,आज में भी हज़ारो अनुयायिओं के साथ उनके बताए रास्ते पर चल रहा हूँ।

मामाजी कहते थे जवानियआ में जोत जागेगा तो समाज का विकास होगा हम युवा पीढी में मामाजी की जोत जला रहे हैं।

गौतम भाई ने कहा कि भक्ति आंदोलन के चलते हमारे समाज में शांति है ,हम नशा नहीं करते ,मामाजी ने जो वचन शंकराचार्य जी को दिया था हम उसको अभी तक निभा रहे है।

कमला बाई ने कहा कि हम भीलों को मामाजी ने पढाई का महत्व समझाया ,में भी वहीं कर रही हूं।उन्होंने कहा कि शादी के समय चांदी के गहने देने की प्रतियोगिता नहीं होनी चाहिए ,स्वेक्षा से जो वहन कर सकते है वही हर परिवार को करना चाहिए

मगन लाल जी  ने कहा बांसवाड़ा ,प्रतापगढ़ में घरों पर लाल ,हरा पीला झंडा लगाने का चलन बढ़ता जा रहा है,हम रकमा गुरुजी के आदेशानुसार कमेटियों का निर्माण करते है ,दिन में शिक्षा देते है रात्रि में भजन गाते है।
 फूलवंती जी ने सरस्वती वंदना गाई और बताया कि गाँव गाँव में मामाजी की मूर्तियां स्थापित की जा रहीं हैं।बेटियों को पढ़ाने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

केसर,इंदिरा ,भरत और नरेश सहित कई युवाओं ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रमों का संचालन राम लाल निनामा जी ने किया। यात्रा का गांव गांव में चाय नास्ते के साथ स्वागत किया गया।
डॉ सुनीलम
09425109770
Share on Google Plus

jitendra chahar के बारे में

एक दूसरे के संघर्षों से सीखना और संवाद कायम करना आज के दौर में जनांदोलनों को एक सफल मुकाम तक पहुंचाने के लिए जरूरी है। आप अपने या अपने इलाके में चल रहे जनसंघर्षों की रिपोर्ट संघर्ष संवाद से sangharshsamvad@gmail.com पर साझा करें। के आंदोलन के बारे में जानकारियाँ मिलती रहें।