किसान मुक्ति यात्रा का चौथा चरण समाप्त : 20 नवंबर को किसान मुक्ति संसद दिल्ली में


18 राज्यों में 10 हज़ार किलोमीटर की किसान मुक्ति यात्रा का चौथा चरण समाप्त 
 किसान एकजुटता की नई लहर 
 किसानों की सम्पूर्ण कर्ज़ा मुक्ति और डेढ़ गुना समर्थन मूल्य के लिए होगी 20 नवंबर को किसान मुक्ति संसद 

5 नवंबर 2017; अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा आयोजित किसान मुक्ति यात्रा चौथे चरण के अंतिम दिन  बेगूसराय से विभूतिपुर ,समस्तीपुर ,दरभंगा होकर मुजफ्फरपुर पहुँची जहां खुदीराम बोस की प्रतिमा पर माल्यापर्ण के बाद सभा के साथ 18 राज्यों में अबतक हुई 10 हज़ार किलोमीटर की यात्रा का समापन हुआ।

विभूतिपुर की जनसभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के महामंत्री एवं पूर्व सांसद हन्नान मौला ने कहा कि हमें अपना हक पाने के लिए कुर्बानी देने को तैयार रहना होगा ,जितनी बड़ी कुर्बानी होगी उंतनी अधिक सफलता हमे हासिल होगी।उन्होंने कहा कि में 8 बार सांसद रहा ,300 सांसद कहते हैं वे किसान के बेटे है ,अब 20 नवंबर को जब किसान मुक्ति संसद लगेगी तब सांसदों को साबित करना होगा कि वे किसान हितैषी है या मोदी की तरह कॉर्पोरेट हितैषी ।

मुज़्ज़फरपुर की सभा को संबोधित करते हुए किसान महासभा के महासचिव एवं पूर्व विधायक कॉम राजा राम सिंह ने कहा कि बाढ़ का समस्या का स्थाई हल ,फसल लगाने वाले को मुआबजा यानी जिसकी फसल खराब हुई है उसको मुआबजा ,और नादियीं से गाद निकालने के सवालो को हल करने की जरूरत है, उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आवारा पूंजीवाद की एजेंट बनकर कार्य कर रही है उनके 14 लाख करोड़ के कर्ज़ माफ कर रही है और हमारे किसान हज़ारों रुपये के कर्ज़े के कारण आत्महत्या कर रहे है ,हमने किसान संगठनों के सभी रंगों के झंडों को एक किया है ताकि आत्म हत्याएं न हो प्रभावकारी संघर्ष हो।

पूर्व विधायक एवं किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक डॉ सुनीलम ने  दरभंगा की सभा में कहा कि वर्तमान सरकारे किसान किसानी और गाँव को खत्म करना चाहती है इसके लिए किसानों की ज़मीने छीनी जा रही है जिसके चलते आज़ादी के बाद अबतक 10 करोड़ लोग विस्तापित हुए जिनका सम्पूर्ण पुनर्वास निया किया गया,5 लाख किसानों ने आत्महत्या की। देश की 65 प्रतिष्ठित आबादी को रोजगार देने वाले कृषि छेत्र को महगाई, नॉटेबन्दी, जी इस टी ने तबाह कर दिया है।किसानों को अस्तित्व बचाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा तभी मार्क्स,गांधी,लोहिया, जे पी और बाबा साहेब के सपनो का भारत बन सकता है।

जय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक अविक शाहा ने विभूतिपुर की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की बिगड़ती हालत  आज राष्ट्र का मुख्य मुद्दा है लेकिन मोदी सरकार उसको नज़रअंदाज कर रही है ।जिससे साबित होता है कि उन्हें राष्ट्र हित की चिंता नहीं है।

अखिल भारतीय किसान सभा के सहसचिव विजू कृष्णन ने  बेगूसराय कहा कि किसान अच्छे दिन का इंतज़ार कर रहे है लेकिन सरकार उनकी दुर्गति कर रही है ,300 आमसभाए करके लागत से डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का वायदा मोदी जी ने किया था वह जुमला साबित हुआ है ,मनरेगा के मज़दूरों को 100 दिन की रोजगार गारंटी जी जगह 40 दिन भी सरकार काम नहीं दे रही है वह मनरेगा को खत्म करना चाहती है।

बेगूसराय में आयुर्वेदिक कॉलेज में किसानों की जनसभा आयोजित की गई  ,सभा को किसान महासभा के  नेता दिवाकर कुमार, जिला सचिव बैजू सिंह ,चंद्र देव वर्मा ,उपाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिंह पूर्व विधायक  ,जिला अध्यक्ष ,विद्द्यानंद यादव ने संबोधित किया ।

समस्तीपुर में किसान महासभा के साथियों ने प्रो उमेश कुमार और अर्जुन राय के नेतृत्व में जोरदार स्वागत किया ।यात्रियों ने शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
विभूतिपुर की सभा को बिहार राज्ये किसान सभा के उपाध्यक्ष रामदेव वर्मा,जिला किसान कॉउन्सिल के उपेंद्र राय,गंगाधर झा,श्याम किशोर कमल। सभा का संचालन राजवीर यादव ने किया।

सभा के दौरान किसान नेताओं ने बिहार की जनता को यात्रा के कार्यक्रमो को सफल बनाने का धन्यवाद देते हुए   20 नवंबर को अधिक से अधिक से संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की। किसान मुक्ति यात्रा के चौथे चरण में 150 स्थानों पर यात्रा का  स्वागत किया गया ,15 बड़ी सभाओं और 35 छोटी सभाओं को किसान नेताओं ने संबोधित किया। लगभग 2 लाख किसानों  से संपर्क किया गया ।चारों यात्राओं के दौरान किसानों के बीच नया उत्साह ,चेतना ,एकजुटताऔर उम्मीद देखने मिली ।

यात्रा में शामिल अखिल भारतीय किसान महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम सिंह गहलावत ,राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा,झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष हीरा गोप,एवं सचिव पुराण महतों, जय किसान आंदोलन के बिमल कुमार बोस, समीर दास,स्वराज अभियान के कमलेन्द्र प्रताप सिंह,भारतीय किसान सभा के मनोज, भारतीय किसान विकास संघठन के अनिल सिंह ने भी यात्रा के चौथे चरण में साथ रहे।

असम में आगामी 10 नवंबर को डिब्रूगढ़ ,11 नवंबर ,जोरहाट और गौहाटी में  12 नवंबर को किसान मुक्ति यात्रा की जाएगी।

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें डॉ सुनीलम
09425109770

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