छत्तीसगढ़ में कर्ज माफ़ी के लिए किसान संकल्प यात्रा : 19-21 सितम्बर, 2017


छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन और संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान 19 सितंबर 2017 से राजनांदगांव से यात्रा शुरू करेंगे। तीन दिन बाद 21 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जायेगा।  पढ़े  छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन और संयुक्त किसान मोर्चा  का बयान ;

सूखा घोषित कर फसल ऋण माफ़ करने की मांग, पिछले तीन सालों से बोनस भुगतान और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार फसल की लागत मूल्य का डेढ़ गुना लाभकारी समर्थन मूल्य के रूप में देने को लेकर जिला किसान संघ और छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के नेतृत्व में हज़ारों किसान राजनांदगाँव से रायपुर की ओर 19 सितम्बर से मार्च शुरू करेंगे तथा 21 सितम्बर को मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर प्रदर्शन करेंगें । मार्च की रूपरेखा को अंतिम रूप देते समय इन संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिनमें जिला किसान संघ राजनांदगाँव से सुदेश टेकाम, चंदू साहू, छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन से आलोक शुक्ला, रमाकांत बंजारे, नन्द कश्यप, संजय पराते, घनश्याम वर्मा आदि शामिल है ।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेताओं ने भाजपा द्वारा बोनस की घोषणा को छलावा करार दिया तथा इसे भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा कहा ।  उन्होंने कहा कि अब किसान जाग गया है और वह चुनावी मोहरा बनने के लिए तैयार नहीं है| यदि भाजपा में थोड़ी भी नैतिकता और संवेदना है, तो उसे पिछले पूरे सालों के बोनस भुगतान के साथ ही लाभकारी समर्थन मूल्य से घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से बकाया अंतर को अदा करने की भी घोषणा करनी चाहिए । उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों का नतीजा है कि छत्तीसगढ़ में किसान भूखा मर रहा है और आत्महत्या करने को विवश है। उस पर प्रति परिवार औसतन 50,000 रुपये कर्ज़ चढ़ा हुआ हैl इस सरकार को उसे इस कर्ज़ से मुक्त करने के लिए भी कदम उठाना चाहिए l उन्होंने कहा कि गांवों में इस सूखे के समय मनरेगा की हालत ख़राब हैl जिन किसानों ने काम किया है, एक-एक साल से भुगतान लंबित है । भाजपा सरकार को बकाया मज़दूरी अदा करने के साथ ही गांवों में शीघ्र काम खोलना चाहिए । इसके अभाव में बड़े पैमाने पर पलायन के लिए लोग मजबूर होंगे।

संकल्प लेकर निकलेंगे किसान - राजनंदगांव से किसान बोनस नहीं तो सरकार नहीं का संकल्प लेकर निकलेंगे। वर्तमान रमन सरकार से पूरे सालों का बोनस एवं कर्ज़ माफ़ी भी लेंगे एवं छत्तीसगढ़ में आने वाली सरकारों को भी पांचों साल बोनस दिए बगैर सरकार नहीं चला सकने आगाह करेंगे। रायपुर में 21 सितम्बर को किसान संकल्प रैली में इसके लिए प्रदेश भर में जनमत तैयार करने शंखनाद करेंगे|

संकल्प यात्रा विवरण – 19 सितम्बर को प्रातः 10 बजे राजनांदगाँव से यात्रा प्रारंभ होगी। 21 सितम्बर को प्रातः 10 बजे बूढ़ा तालाब रायपुर पहुचकर संकल्प सभा में शामिल होगी|
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