जनसंघर्ष समन्वय समिति का राष्ट्रीय सम्मेलन : 30-31 अगस्त 2017, जयपुर, राजस्थान


आज पूरे देश में विकास के मॉडल के नाम पर भूमि के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों की कॉर्पोरेट लूट उत्तरोत्तर बढ़ती जा रही है। देश में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो वह इस लूट में सहजकर्ता की भूमिका ही अदा कर रही है। संविधान में इस लूट को और सरल बनाने के लिए नित नए संशोधन किए जा रहे हैं या फिर नए कानून ही बनाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ न केवल इस लूट के खिलाफ चल रहे संघर्षों को देश विरोधी कह कर उनका दमन किया जा रहा है बल्कि देश में सांप्रदायिक ताकतें प्रशासन की शह पर समाज में सांप्रदायिकता का जहर घोल रही हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों  में व्यापक आबादी के अधिकारों तथा प्राकृतिक संसाधनों की लूट के खिलाफ जन संघर्ष समन्वय समिति अपना राष्ट्रीय सम्मेलन करने जा रहा है। जन संघर्ष समन्वय समिति ने देश के सभी जनसंघर्षों से अपील की है कि वह इस सम्मेलन में भागीदारी कर इस संघर्ष को और मजबूत करने की तरफ आगे बढ़ें। हम यहां पर आपके साथ सम्मेलन का निमंत्रण पत्र तथा कार्यक्रम का विवरण साझा कर रहे हैं; 

सम्मानित साथी,                                                    

क्रांतिकारी अभिवादन

हम आज भारतीय लोकतंत्र के उस दौर में जी रहे हैं जहां एक तरफ प्राकृतिक संसाधनों की कॉर्पोरेट लूट राजकीय संरक्षण में उत्तरोत्तर बढ़ती जा रही है वहीं दूसरी तरफ आम जनता के जनवादी अधिकारों पर हमला तेज होता जा रहा है। देश में चल रहे हर छोटे-बड़े संघर्ष का राज्य की तरफ से बर्बर दमन किया जा रहा है। मजदूर, किसान, आदिवासी, छात्र कोई भी तबका हो यदि वह सरकारी नीतियों के खिलाफ किसी भी तरह की कोई आवाज उठाता है तो सरकार की तरफ से उसे देशद्रोही घोषित कर दिया जाता है। मानवाधिकारों के लिए लड़ रहे कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसा कर उन्हें संघर्ष से पीछे ढकेलने की कोशिश की जा रही है।

जहां एक तरफ कॉर्पोरेट लूट को कानूनी मान्यता प्रदान की जा रही है वहीं दूसरी तरफ मौजूदा सरकार की छत्रछाया में देश में हिंदुत्व के नाम पर भगवा आतंकवाद फैलाया जा रहा है। गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी जैसे तमाम बुनियादी मुद्दों की जगह आज गाय ने ले ली है। गाय के नाम पर आए दिन अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।

देश में लगातार सिकुड़ते जनवाद और असहमति के घटते अवसर के साथ-साथ पूंजीवाद के बढ़ते हमलों में यह अत्यंत आवश्यक होता जा रहा है कि प्राकृतिक संसाधनों तथा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे जन संघर्षों को एक मंच पर लाया जाए इसी सिद्धांत पर काम करते हुए 7 राज्यों में काम कर रहा जन संघर्ष समन्वय समिति 2012 से भूमि अधिग्रहण तथा विस्थापन के मुद्दों पर काम कर रहे जनसंघर्षों के बीच एकता बनाने का निरंतर प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में राज्य अधिवेशनों के पश्चात अब जन संघर्ष समन्वय समिति अपना राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित कर रहा है। अधिवेशन 30-31 अगस्त को जयपुर, राजस्थान में आयोजित किया गया है।

आपसे हम यह आग्रह करते हैं कि आप इस राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए समय निकाल कर जरूर आयें तथा इस प्रक्रिया को मजबूती दें।

कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार हैः
राष्ट्रीय अधिवेशन
दिनांक: 30-31 अगस्त 2017
स्थान:  स्वामी कुमारानंद भवन
चर्च रोड, रॉटरी क्लब के पास, हथरोई, जयपुर (राजस्थान)

हमें उम्मीद है कि आप इस सम्मेलन में भागीदार होकर आज के इस चुनौतीपूर्ण दौर में संघर्षों को और तीव्र करने के बारे में अपनी राय साझा कर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की रणनीति में अपना योगदान जरूर देंगे।
आपके संघर्षों के साथ

दीप सिंह शेखावत
राष्ट्रीय संयोजक
9460148924

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एक दूसरे के संघर्षों से सीखना और संवाद कायम करना आज के दौर में जनांदोलनों को एक सफल मुकाम तक पहुंचाने के लिए जरूरी है। आप अपने या अपने इलाके में चल रहे जनसंघर्षों की रिपोर्ट संघर्ष संवाद से sangharshsamvad@gmail.com पर साझा करें। के आंदोलन के बारे में जानकारियाँ मिलती रहें।