अनशन का 12वां दिन : यूरेनियम के प्रकोप से जूझ रहे आदिवासी और सो रही है सरकार


झारखण्ड के पूर्वी झारखण्ड के पूर्वी सिंहभूम जिला में स्थित यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के तुरामडीह यूरेनियम माईन्स के विरोध में तुरामडीह विस्थापित विस्थापित समिति पूर्वी सिंहभूम द्वारा किए जा रहे अनिश्चितकालीन अनशन  को आज 12वां दिन हो गया है। गौरतलब है कि यह धरने पर बैठे आंदोलनकारी तुरामडीय यूरेनियम माईन्स के इलाकों से विस्थापित हैं। विस्थापन के समय मिली 10 नौकरियां अब छूट चुकी हैं। इसी के साथ यूरेनियम माइनिंग की वजह से पूरे इलाके का पानी प्रदूषित हो चुका है जिसकी वहज से लोग तरह तरह की जानलेवा बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। बुनियादी सुविधाओं के लिए लड़ रहे यह विस्थापित स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले से धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन अभी तक प्रशासन की तरफ से किसी तरह की कोई हरकत नहीं हुई है। 

झारखण्ड के पूर्वी सिंहभूम जिला में स्थित यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के तुरामडीह यूरेनियम माईन्स के विस्थापित-प्रभावितों का हाल भयानक है। सभी चापाकल, कुंवां और तालाब का पानी पुरी तरह प्रदुषित हो चुका है। यहां जितने भी जल स्त्रोत हैं, उसके पानी से कपडा धोने पर साबुन झाग नहीं देता। चापाकल और कुंवों का पानी पीने लायक नही है। यहां के नौनिहाल आंगनबाडी केन्द्रों में प्रदुषित पानी से ही बने खिचडी खाने को विवश हैं। टैंकर से पानी आती है, तो लोगों की प्यास बुझती है और नही आने पर लोग प्यासे ही रहते हैं। गांव में सडक, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा पुरी तरह नदारद है। गांव में कई लोग बिमारियों से पीडित हैं, लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नही। इस गांव में सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी नही है। ग्रामीणों के खेतों में बह रहा है यूरेनियम से प्रदुषित पानी.....कई किसानों ने धान की रोपनी तक नही की है......इन सभी मुद्दों को लेकर तुरामडीह के विस्थापित-प्रभावित लोग जमशेदपुर उपायु्क्त कार्यालय के समक्ष बिते 8 दिनों से धरने पर भी बैठे हुए हैं, लेकिन अधिकारियों के कान में जूं तक नही रेंग रही...........क्या ऐसे ही होगा झारखंड का विकास. संजय वर्मा की टिप्पणी;


तुरामडीह विस्थापित समिति बैनर तले जारी आंदोलन की मांगे :-
  1. अनुकम्पा के आधार विस्थापित कर्मचारियों के आश्रितों को अविलम्ब नौकरी प्रदान किया जाय.
  2. सेवा मुक्त विस्थापित कर्मचारियों के आश्रितों को अविलम्ब नौकरी प्रदान करें।
  3. विस्थापितों को पीढ़ी दर पीढ़ी नौकरी प्रदान किया जाय.
  4. नौकरी से बर्खास्त किये गए विस्थापित कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी प्रदान किया जाय.
  5. विस्थापित युवराज कुंकल एवं सुरेश मुर्मू को अविलम्ब पुनः नियोजन प्रदान किया जाय.
  6. टेलिंग पोंड निर्माण में बरती गयी अनियमितता का उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए.
  7. तुरामडीह माइंस में अवैध वसूली एवं टेंडर में रंगदारी मामले का उच्च स्तरीय जाँच होना चाहिए.
  8. फिरि में हाजरी बना कर देश के साथ गद्दार करने के मामले में उच्च स्तरीय जाँच होना चाहिए।
  9. यूसीआईल तुरामडीह माइंस को भरस्टाचार मुक्त बनाने के लिए भरष्ट अधिकारी गिरीश गुप्ता को हटाया जाय.
  10. सेवा निर्वित योजना के तहत गैर विस्थापित कर्मचारियों के पुत्रों के नियोजन को बंद किया जाय.
  11. असवैंधानिक तरीके से बर्खास्त विस्थापित कर्मचारियों राजू कुंकल को पुनः नियोजन प्रदान किया जाय.
  12. तुरामडीह एवं आहारघुटू में स्वक्ष पानी प्रयाप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाय.
  13. जिस शर्त पर यूसीआईल को खनन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया गया है उसे पूरा किया जाय.
  14. अप्रेंटिस कर चुके कान्हू टुडू दशरथ टुडू देवाशीष दास रमन कुमार झा को नियोजन प्रदान किया जाय.
  15. मेसर्स सद्भाव इंजीनियरिंग लिमिटेड के बर्खास्त १४ मजदूरों को पुनः नियोजन प्रदान किया जाय.
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