सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ झारखण्ड विधानसभा घेराव : भूमि अधिकार आंदोलन


भूमि अधिकार आंदोलन का विधानसभा मार्च-घेराव
रैली एंव जनसभा 8 अगस्त 2017, बिरसा चौक हटिया, रांची, झारखंड
आठ अगस्त के विधानसभा घेराव एवं रैली-सभा को सफल बनाएं

भाईयों एंव बहनों,

झारखण्ड में भाजपानीत सरकार सीएनटी-एसपीटी एक्ट में सशोधन, गैर मजरूआ खास जमीन को भूमि बैंक में शामिल कर तथा जनविरोधी महुआ नीति बना कर आदिवासी-मूलवासी रैयतों, किसानों की जमीन एंव जीविका छीनना सुनिश्चित कर चुकी है। साथ ही जिन गरीब किसानों को भूमिदान के तहत जिस जमीन का बंदोबस्ती कर दिया है-उससे भी गैर कानूनी बताते हुए जमांबदी रद्द करने की योजना बनायी है। प्रत्येक गांव सीमा के भीतर ग्रमीणों का सामुदायिक जमीन गैर मजरूआ आम, गैर मजरूआ खास, जंगल-झाड़ी जमीन, टोंगरी, नदी-नाला, खेल मैदान, सरना, मसना, हडगडी, कब्रिस्तान, जतरा टांड, चारागाह, आम रास्ता सहित से सरकार झारखंड के आदिवासी-मूलवासी, रैयतों, किसानों सहित प्राकृति पर/जल-जंगल-जमीन पर जीवन यापन करने वाले समुदायों को उखाड़ फेंकने की योजना बना चुकी है।

 झारखंड के जनआंदोलनों, सामाजिक संगठनों तथा विपक्षी राजनीतिक एकता ने सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन बिल को रद्द करवाने के सवाल पर रघुवर सरकार को एक कदम पीछे ढकेला है। यही वजह है कि राज्यपाल महोदया ने संशोधन बिल को सरकार के पास पुन:विचार के लिए वापस भेजी तथा रघुवर सरकार को धारा 21 (सीएनटी एक्ट) एवं धारा 49 के संशोधन को बरकरार रख कर, इसी को जमीन लूट का हथियार बनाया जाए। जब तक सरकार पूरी तरह से संशोधन बिल को निरस्त नहीं करती है, रघुवर सरकार के हर साजिश का जोरदार विरोध करेंगे और जिस तरह से 2014 में मोदी सरकार को अपना लाया भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के विरोध जनआंदोलनों ने घुटना टेकवाया था। इसी तरह झारखंड के जनआंदोलन, सामाजिक संगठन तथा विपक्षी ताकत रघुवर सरकार को सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन  रद्द करने, जनविरोधी महुआ नीति एवं भूमि बैंक को रद्द करने के लिए जनआंदोलन को तेज कर घुटना टेकवायेंगे।

मित्रों - हमारे पूर्वजों ने अंग्रेज सरकार के सामने भी घुटना नहीं टेका था, उन्होंने संघर्ष कर, शहिद होकर इस जल-जंगल-जमीन को हम लोगों के लिए सुरक्षित रखा है।

अब हमारी पारी है - संघर्ष कर इस धरती को बचाने की। ताकि हमारी आने वाला पीढ़ी के लिए इस धरोहर को सुरक्षित कर इनकी जिंदगी को सुरक्षित कर सकें - ये हमारी जिम्मेदारी है।

नोट

  • 10 बजे (8 अगस्त 2017) खूंटी रोड में बिरसा चौक के समीप जमा होंगे- यहां से रैली हिनू चौक तक जाएगी (खूंटी, गुमला की ओर आने वालों के लिए) 
  • हजारीबाग, बोकारों, जमशेदपूर आदि इलाको से आने वाले-डोरंडा राजेंद्र चौक के पास से रैली के साथ निकलेंगे-दोनों ओर से आने वाली रैली हिनु चौक में मिलेगी और बिरसा चौक तक जायेगी।
  • बिरसा चौक में आम सभा होगी।


निवेदक

भूमि अधिकार आंदोलन

आदिवासी-मूलवासी अस्तित्व रक्षा मंच (खूंटी-गुमला), गांव गणराज परिशद (पूर्वी सिंभूम), जन्म भूमि रक्षा समिति (हजारीबाग), मानकी मुंडा संघ कोल्हान (चाईबासा), आदिवासी अधिकार मंच, विस्थापित मुत्त्कि वाहिनि (सराईकेला-खरसंवा), झारखंड राज्य किसान सभा, झारखंड प्रदेश किसान महासभा, किसान संग्राम समिति, झारखंड किसान दल, झारखण्ड बचाओं आंदोलन, नेशनल एलांश ऑफ पिपुल्स मुवमेंट, एस.यू.सी.आई, तजना डैम प्राभावित समिति, डैम प्राभावित संर्घष मोंर्चा

भूमि अधिकार आंदोलन

दयामनी बारला, 9431104386, कुमार चंद मार्डी, 9934165214, प्रफूल लिंडा, 776304746, सुनीता 9835339057, मिथलेश डांगी 9430708229

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jitendra chahar के बारे में

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