बांगड़-बिरला सीमेंट प्लांटों के खिलाफ 2436 दिनों से घरने पर बैठे किसानों ने फिर दौहराया एक इंच भी जमीन नहीं देने का नारा


राजस्थान के झुंझुनू जिले के नवलगढ़ तहसील भवन के सामने किसान अपनी उपजाऊ जमीन बचाने के लिए पिछले 2436 दिनों से घरने पर बैठे है। इन किसानों की 72 हजार बिघा ज़मीन नवलगढ़ में प्रस्तावित बांगड़-बिरला के सीमेंट प्लांटों में जा रही है। कई बार बंद, प्रदर्शन, रैली और धरने जैसे आयोजन कर सरकार को चेतावनी दे चुके किसानों ने एक बार फिर 28 अप्रेल 2017 को तहसीलदार नवलगढ एवं जिला कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए कहा है कि हम अपनी जान दे देंगे, लेकन किसी भी सूरत में अपनी जमीन कंपनियों को नहीं देंगे। भूमि अधिग्रहण विरोधी किसान संघर्ष समिति नवलगढ के मनोनीत पांच सदस्यीय दल जिला कलेक्टर प्रदीप कुमार बोराड व तहसीलदार नवलगढ को ज्ञापन सौंपा है। एसडीएम नवलगढ छुट्टी पर होने की वजह से नहीं मिल पाये। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि किसानों की परेशानियों को मध्य नजर रखते हुए आगे रिपोर्ट भेजेंगे। तथा तहसीलदार गोठवाल ने कहा कि जल्दी ही किसानों की मिटिंग लेकर सारी बातें जानकर ही आगे सरकार में रिपोर्ट भेजेंगे। ज्ञापन देने वालों में केप्टन दीप सिंह शेखावत के अलावा संजय बासोतिया, नोरंग लाल दूत, कैलाश यादव, गोवर्धन जी निठारवाल,सतीश कुमार भींचर, पोकर सिंह झाझडिया, श्री राम डूडी, आसिश नारनोलिया, फूल चंद बुडाणीयां आदि थे। पेश है किसान संघर्ष समिति नवलगढ़ का ज्ञापन;




Share on Google Plus

jitendra chahar के बारे में

एक दूसरे के संघर्षों से सीखना और संवाद कायम करना आज के दौर में जनांदोलनों को एक सफल मुकाम तक पहुंचाने के लिए जरूरी है। आप अपने या अपने इलाके में चल रहे जनसंघर्षों की रिपोर्ट संघर्ष संवाद से sangharshsamvad@gmail.com पर साझा करें। के आंदोलन के बारे में जानकारियाँ मिलती रहें।