भू-अधिकार और कार्पोरेट लूट के खिलाफ किसानों की दिल्ली में दस्तक; देखे वीडियो


अखिल भारतीय किसान सभा के देश की चारों दिशाओं से चार जत्थे 24 नवंबर 2016 को दिल्ली पहुंचे। किसान सभा द्वारा किसानों के मुद्दों को लेकर पूरे देश में जत्था निकाला जा रहा था जिसमें स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करवाने, केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को बंद करना, आवारा पशुओं खासतौर पर सांडों पर रोक लगाना, फसलों की सरकारी खरीद करना। भूमि अधिग्रहण जैसे काले कानून पर रोक लगाने के लिए 24 नवंबर को देश के हजारों किसान दिल्ली के संसद मार्ग पर पहुंचें। आजादी के बाद ये पहली सरकार है जो किसान विरोधी कानून नीतियां लागू कर रही है जिसका नतीजा यह है कि किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर है। आज देश की 70 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, लेकिन जन विरोधी नीतियों के चलते संकट में है। जिससे देश में भारी आर्थिक संकट है तथा रोजगार में भारी गिरावट है।


किसान सभा अध्यक्ष अमरा राम ने कहा कि फसलों के लाभकारी मूल्य न मिलने के कारण आज किसानों के कर्जे बढ़ते जा रहे है। जिस कारण किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। बिजली के बढ़ते दामों की वजह से देशभर में किसानों के हालात खराब है। फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा का कार्य निजी कंपनियों के हाथों में दे दिया। जिस कारण फसलों के बीमे से किसान को फायदा होने की बजाए निजी कंपनियों के मुनाफे में वृद्धि हो रही है। उन्होंने इन सभी समस्याओं के खिलाफ लड़ाई का आह्वान किया।

प्रदेश महासचिव हरपाल ¨सह ने बताया कि प्रदेश सरकार भी किसानों के प्रति उदासीन रवैया अपनाये हुए है। प्रदेश के बड़े इलाके में पानी की कमी से किसानों के खेत सूखे पड़े है पर सरकार महज घोषणाएं करती है, पर किसानों के लिए कोई राहत नहीं दे रही।

किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर शेर ¨सह व किसान सभा के जिला सचिव दयानंद पूनिया ने भी किसानों को संबोधित किया। किसान सभा के किसान बचाओ, खेती बचाओ, देश बचाओ नारे को सार्थक करने के लिए समस्त किसानों व किसानों के साथ सहानुभूति रखने वाले हिस्सों से किसान आंदोलन को आगे ले जाने का आह्वान किया।








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