उत्तर प्रदेश : जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों की वाराणसी में विशाल जनसभा; 3 दिसंबर, 2016


नरेंद्र मोदी ने केंद्र में सत्ता संभालने के साथ ही देशी-विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने तथा कॉर्पोरेट के मुनाफे की वृद्धि के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। इसी कोशिश में वह ईस्टर्न तथा वेस्टर्न दो फ्रेट कॉरिडोर की अवधारणा लेकर आए जिसके तहत मालों की आवाजाही के लिए कॉरिडोर तथा उसके आस-पास औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करना था जिससे कि विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। और इस सबकी कीमत भुगत रहे हैं इस देश के किसान जिनकी जमीन का इन परियोजनाओं के लिए जबरन अधिग्रहण किया जा रहा है। किंतु इस सबमें किसान भी चुप नहीं बैठे हैं। वह इस अन्याय का पुरजोर विरोध कर रहे हैं जिसका परिणाम हैं कि कई जगहों पर यह परियोजनाएं ठप्प पड़ी हुई हैं। इसी में शामिल है उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ 25 फ़रवरी 2016 से चल रहा किसानों का धरना। संघर्ष को आगे बढ़ाते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले आगामी 3 दिसंबर को वाराणसी की वरुणा नदी के शास्त्री घाट पर एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जा रहा है। हम यहां पर जनसभा का आमंत्रण आपके साथ साझा कर रहे हैं।

वाराणसी चलो!  वाराणसी चलो!! दिनांक  3 दिसंबर  2016 को वाराणसी चलो !!!
साथियो,
प्रधानमन्त्री  नरेंद्र मोदी के विकास के माडल किसानो की कृषि योग्य भूमि कारपोरेटो  के हवाले करने के लिए जबरिया भूमि अधिग्रहण करना तथा वरुणा नदी  (वाराणसी )के किनारे बाप दादो के जमाने से पक्का व कच्चा मकान बनाकर बसे लोगो के मकानो को ढहा कर उन्हे उजाड़ कर बेघर करना है ।इसके खिलाफ अखिल भारतीय किसान महासभा है और उनके ऐसे माडल का पुरजोर विरोध करती है और दिनांक  3 दिसंबर 2016 को वरुणा  नदी के शास्त्री घाट पर जो वाराणसी जिला कचहरी के पास है ।

एक विशाल जनसभा का आयोजन किया है।उक्त सभा के मुख्य वक्ता भारत की कम्युनिस्ट पार्टी  (मार्क्सवादी लेनिनवादी) (भाकपा माले ) के राष्ट्रिय महासचिव कामरेड दीपांकर भट्टाचार्य होगे। अतः आफ सभी किसान भाइयो मजदूर साथियो न्याय पसंद नागरिको से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या मे उपस्थित होकर मोदी जी के कार्पोरेट प्रस्त विकास माडल का विरोध करे।

निवेदन
अखिल भारतीय किसान महासभा, चंदौली

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