स्याह ज़िंदगी : झारसुगुड़ा में कोयला खनन का भयावह असर; देखे वीडियो


ऊर्जा की बढ़ती जरूरत और कोयला खनन के दायरों में हो रहा विस्तार न सिर्फ ओडिशा की कृषि को प्रभावित कर रहा है बल्कि उसके पर्यावरण को भी नष्ट कर रहा है। नीचे दिया गया विडियो ओडिशा की संकटपूर्ण स्थिति की गंभीरता को दर्शा रहा है।

ओड़ीशा के झारसुगुढ़ा जिले के लखनपुर ब्लॉक के ओबडा गांव के 56 वर्षीय निवासी इंदर बिलास शाह ने चिंतित स्वर में बताया कि हमारे क्षेत्र की खेती प्रदूषण की वजह से तबाह हो रही है। इस इलाके में अनियंत्रित खनन ने पेय जल का गंभीर संकट पैदा कर दिया है। यह चिंता सिर्फ इंदर बिलास शाह के शब्दों में ही नहीं दिखती है ब्लकि झारसुगुढ़ा के हजारों ग्रामीण इसी स्वर में बात कर रहे हैं।


दोषी कौन?

महानदी कोलफील्ड लिमिटेड ने ऊर्जा उत्पादन के लिए हजारों एकड़ कृषि योग्य जमीन हड़प रखी है। देश में बढ़ते औद्योगिक विकास की वजह से सरकार ने बिना पर्यावरण की परवाह किए कोयला खनन के कामों को विस्तारित कर रही है।

“ब्लैक लाइफः झारसुगुढ़ा में कोयला खनन के प्रभाव” शीर्षक से झारसुगुढ़ा में बना यह विडियो ओडिशा की संपूर्ण परिस्थिति का चित्रण करता है। 
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