16 जुलाई को बस्तर बंद : राज्य दमन के खिलाफ आदिवासी एकजुट


छत्तीसगढ़ पीयूसीएल के डॉ लाखन सिंह ने जानकारी दी है कि 
अनाचार, फर्जी मुठभेड़ और जवानों के जुल्म के खिलाफ कल 16 जुलाई को बस्तर संभाग में बंद का ऐलान किया गया है। इस बंद का का आह्वान सर्व आदिवासी समाज ,आदिवासी महासभा और सोनी सोरी ने आदिवासियों के उपर हो रहे अत्याचार के विरोध स्वरूप किया है।

ज्ञात रहे कि कडेनार ,इंजरम ,बस्तानार ,गोमपाड़ इलाके में  सुरक्षा बलों द्वारा आदिवासी युवतियों के साथ अनाचार ,धमकी और फर्जी मुठभेड़ को लेकर नाराजगी बढती जा रही है।
इसी अन्याय व अत्याचार के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज ने मोर्चा खोल दिया है। आदिवासियों की सुरक्षा के नाम पर तैनात सुरक्षा बल अब आदिवासियों को ही निशाने पर ले रहे है। युवाओं बच्चों के साथ अब उनकी नज़र समाज की लड़कियों पर पड़ने से समाज में तीखी प्रतिक्रिया हो रही है।

एेसा लगने लगा है कि सुरक्षा  बल आदिवासियों की नस्ल समूल नष्ट करने पर तुले है,एेसी हरकतें अब बर्दाश्त नहीं की जायेंगीं। आदिवासी समाज इसका भरपूर जवाब देगा। अभी सामूहिक रूप से एक दिन का बंद करवाया जा रहा है ,बाद में आंदोलन तेज किया जायेगा.

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