हिंदुस्तान पॉवर प्लांट के बॉयलर फटने से एक मजदूर की मौत, दो दर्जन से ज्यादा घायल : शुरू हुआ लीपापोती का खेल !


मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय से पन्द्रह कि.मी. दूरी पर स्थित हिन्दुस्तान पावर प्राइवेट लि. (एम.बी.पावर) जैतहरी के यूनिट प्लांट क्र. 2 में कोयले का बायलर फटने से वहां कार्यरत प्रफुल्ल कुमार की मौत हो गई, वहीँ  दो दर्जन से ज्यादा  मजदूर घायल हो गए। ज्ञात रहे यह वही प्लांट है जहाँ पर भारतीय किसान यूनियन 2012 से संघर्षरत है। अभी भी लगभग 50 लोगो के उपर मुकदमे चल रहें है। जबलपुर उच्च न्यायालय में मुआवजा एवं पुर्नवास को लेकर केस चल रहे है। परन्तु न्यायालय से अभी तक कोई राहत नही मिल पाया है। पेश है राजकुमार सिन्हा, मुन्ना बर्मन की रिपोर्ट;

मध्य प्रदेश का अनुपपुर जिला पुर्णतः पांचवी अनुसूची क्षेत्र में आता है। जिसमें अनुपपुर, पुष्पराजगढ, कोतमा एवं जैतहरी तहसील है। अनुपपुर एवं कोतमा तहसील में लगभग 10 कोलमाइंस है। अनुपपुर जिले में न्यूजोन इन्डिया, बेल्सपन एनर्जी तथा प्रकाष इंडस्ट्रीज द्वारा सभी का 1320 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट बनना प्रस्तावित है। जैतहरी तहसील में हिन्दुस्तान पावर प्लांट (मोजर बेयर) का 2520 मेगाबाट का पावर प्लांट बनना है। जिसमें एक साल पहले 600 मेगाबाट की पहली इकाई प्रारंभ हुआ था, तथा दूसरी 600 मेगाबाट की इकाई कुछ दिन पहले प्रारंभ की गई। इस थर्मल पावर प्लांट के पानी व्यवस्था हेतु सोन नदी पर बराज (बांध) कम्पनी द्वारा बनाकर लगभग 9 किलोमीटर से पानी लाया जाता है।

1320 मेगाबाट क्षमता बढाने हेतु निर्माण कार्य जारी है। कुछ दिन पहले प्रारंभ हुए 600 मेगाबाट की दूसरी इकाई के बायलर दिनांक 16 मई 2016 को रा़ित्र 8.40 बजे तेज धमाके के साथ फटा। घटना के बाद प्रबंधन ने प्लांट को बंदकर सभी का आवागमन रोक दिया। मीडिया तथा स्थानिय कर्मचारियो के अनुसार घटना स्थल पर 3 लोगो की मौत एवं 2 दर्जन से अधिक लोग गंभीर रुप से घायल होने की बात कही जा रही है। हिन्दुस्तान पावर प्राइवेट लीमिटेड (एम.बी.पावर) जैतहरी के यूनिट प्लांट क्रमांक 2 में कोयले के बायलर की सफाई के दौरान अचानक विस्फोट हो गया। अनुमान ये लगाया जा रहा है कि सफाई से पहले प्लांट बंद न करने के कारण यह हादसा हुआ। हादसे के बाद पूरे जैतहरी में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया गया, क्योकि प्रषासन को अंदेषा था कि स्थानिय निवासी की मृत्यु के कारण हंगामा होगा। परंतु सभी मृत एवं घायल अधिकारी एवं कर्मचारी बाहर के थे इसलिए किसी तरह का स्थानिय समुदाय द्वारा हंगामा नही किया गया।

प्रबंधन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ती के अनुसार उपमहाप्रबंधक प्रफुल्ल झा कि मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 11 घायलों (7 वर्रिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिकारी एवं 4 कामगार) का इलाज बिलासपुर, रायपुर एवं दिल्ली में चल रहा है। दिनांक 18 मई 2016 को अपोलो हास्पिटल, बिलासपुर में इलाजरत महाप्रबंधक संदीप सुगंधी की मौत हो गई जबकि 6 लोगो की हालत नाजुक बनी हुइ है।

पुलिस ने कम्पनी के हेड इंचार्ज राजेन्द्र कुमार आनंद, महाप्रबंधक  संदीप सुगंधी, उपाध्यक्ष डी.पी. सिंह, उपमहाप्रबंधक प्रफुल्ल झा, सेफटी इंचार्ज पी.के. सिंह, मैनेजर एवं अॅापरेषन हेड मुक्ती नाथ सिंह, घटना के वक्त बायलर क्रमांक 2 के इंचार्ज विजय राउत, बायलर निरीक्षक पी.ए. पटेल, घटना के समय के सिफट इंचार्ज एस. क.े प्रसाद एवं कम्पनी के अन्य उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्व थाना जैतहरी में अपराध क्रमांक 139/ 2016  में इन लोगो खिलाफ मर्ग की प्राथमिक जांच उपरंात धारा 287, 337, 338, 304।, 34 भा.द.वि. के तहत् अपराध पंजीबंद्व कर विवेचना में लिया है।

स्थानिय स्तर पर भारतीय किसान यूनियन ने एवं वामपंथी दल विस्थापितों के मुआवजा एवं पुर्नवास को लेकर सक्रिय है। भारतीय किसान यूनियन द्वारा 2012-13 में स्थानिय प्रषासन के खिलाफ जोरदार आंदोलन चलाया गया था, जिसमें लाठीचार्ज, फायरिंग , पथराव एवं आगजनी जैसी घटना के कारण प्रबंधन को बाध्य होकर किसानों की मांगो को मानना पडा। अभी भी लगभग 50 लोगो के उपर मुकद्में चल रहंे है। जबलपुर उच्च न्यायालय में मुआवजा एवं पुर्नवास को लेकर प्रक्ररण चल रहे है। परन्तु न्यायालय से अभी तक कोई राहत नही मिल पाया है।

ऐसे समय में एक उच्च स्तरीय जांच दल भेजकर घटना की जांच तथा विस्थापित किसानों की स्थिति पर एक अपनी रिपोर्ट सरकार, मीडिया एवं स्वतंत्र नागरिक समूह के सामने प्रस्तुत कर कम्पनी के उपर दबाब बनाने की जरुरत है।
                                           


Share on Google Plus

संघर्ष संवाद के बारे में

एक दूसरे के संघर्षों से सीखना और संवाद कायम करना आज के दौर में जनांदोलनों को एक सफल मुकाम तक पहुंचाने के लिए जरूरी है। आप अपने या अपने इलाके में चल रहे जनसंघर्षों की रिपोर्ट संघर्ष संवाद से sangharshsamvad@gmail.com पर साझा करें। के आंदोलन के बारे में जानकारियाँ मिलती रहें।