रमन सिंह के दमन के ख़िलाफ : 10 मई 2016 को जंतर-मंतर पर पत्रकारों का प्रदर्शन

पत्रकार सुरक्षा कानून संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले छत्तीसगढ़ के पत्रकारों द्वारा 10 मई 2016 को सुबह 10 बजे से जंतर-मंतर पर एक धरना आयोजित किया जा रहा है।

पिछले साल छत्तसीगढ़ के दो स्थानीय पत्रकारों संतोष यादव तथा सोमारू नाग की फर्जी केसों के तहत गिरफ्तारी के बाद ही छत्तीसगढ़ के पत्रकारों द्वारा पत्रकार सुरक्षा कानून संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया गया था। तभी से ही संघर्ष समिति ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न भागों में लगातार विरोध-प्रदर्शन किए हैं तथा साथ ही साथ पुलिस तथा माओवादियों द्वारा पत्रकारों पर हमले की भर्तस्तना की है।

उनकी मुख्य मांग छत्तीसगढ़ में कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून लागू करवाना है। किंतु विभिन्न आंदोलनों के बावजूद हाल ही में दो और पत्रकारों प्रभात सिंह तथा दीपक जयसवाल को गिरफ्तार किया गया तथा मालिनी सुब्रह्मनियम को बस्तर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया।

राज्य सरकार द्वारा दिए गए अनेक आश्वसानों के बावजूद अभी तक उनकी किसी भी मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई है। चारों पत्रकार अभी भी झूठे आरोपों में सजा काट रहे हैं।

ऐसे कठिन समय में देश भर से पत्रकारों के लिए एक ऐसे मुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए आवाज उठनी चाहिए जहां पत्रकार वस्तुनिष्ठ पत्रकारिता कर सकें। खासकर बस्तर जैसे क्षेत्रों में जहां पर स्थानीय पत्रकारों को अक्सर मजबूरन राज्य अथवा माओवादियों में से किसी एक का पक्ष लेना पड़ता है।

धरने की मुख्य मांगे निम्न हैं –

1. बस्तर क्षेत्र से गिरफ्तार सभी पत्रकारों को तत्काल रिहा किया जाए।
2. पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।


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