कबीर कला मंच की कवि और गायक शीतल साठे 7 फरवरी 2016 को दिल्ली में

आमंत्रण 
स्थान – प्रेस क्लब आफ़ इंडिया, रायसीना रोड, नई दिल्ली 
दिनांक - 7 फरवरी 2016, दिन – रविवार 
समय - 3 से 5 pm
आप को याद होगा कि कबीर कला मंच कामगारों का और मुख्यतः दलित साथियों का सांस्कृतिक संगठन है . कबीर कला मंच के साथियों को 2011 में भूमिगत होना पड़ा था क्योंकि पुलिस नें कबीर कला मंच के एक साथी को पकड़ कर प्रतारणा दी थी . पुलिस का आरोप था कि कबीर कला मंच का सम्बन्ध नक्सलवादियों से है.

सन 2012 में आनंद पटवर्धन की फिल्म ‘’ जय भीम कामरेड ‘’ बन कर तैयार हुई और इस फिल्म को सेंसर बोर्ड का यू प्रमाणपत्र मिला इसके बाद इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार और महराष्ट्र राज्य का पुरस्कार मिला . पुरस्कार की राशि से कबीर कला मंच डिफेन्स कमेटी का गठन किया गया . डिफेन्स कमेटी के वकीलों नें सफलतापूर्वक कबीर कला मंच के कार्यकर्ता को ज़मानत पर रिहा करवा लिया .

समाज में जागरूकता बढ़ी तो कबीर कला मंच के साथियों को विश्वास हुआ कि न्याय पाने की कोशिशों में समाज उनका समर्थन करेगा , कबीर कला मंच के बाकी के बचे हुए भूमिगत साथियों नें खुद को पूछताछ के लिए पुलिस को सौंपने का निर्णय लिया . अप्रैल 2013 को शीतल साठे और उनके पति सचिन माली नें महराष्ट्र विधान सभा के सामने अपने गीत गाये और उन्हें पुलिस नें गिरफ्तार कर लिया .

इसके एक महीने बाद कबीर कला मंच के बाकी के साथियों नें महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री आर आर पाटिल के कार्यालय के सामने गीत गाये और इनमें से सागर गोरखे और रमेश गैचोर को हरसत में ले लिया गया. गृह मंत्री नें आश्वासन दिया कि इन लोगों के मामले में सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा .

तीन महीने के बाद शीतल साठे को मुंबई हाई कोर्ट के आदेश से ज़मानत पर रिहा किया गया क्योकि शीतल साठे तब गर्भवती थी. इस बात को ढाई साल बीत चुके हैं लेकिन सचिन, सागर और रमेश अभी भी जेल मे ही हैं . इनकी ज़मानत की अर्जी हाई कोर्ट द्वारा दो बार ठुकरा दी गयी है . इसी अदालत में इनके खिलाफ़ मुकदमा शुरू होने का इंतज़ार कर रहा है . इन सभी नें सर्वोच्च न्यायालय में अपनी ज़मानत की अर्जी लगाईं है .

शीतल ने अब अपना स्वतंत्र सांस्कृतिक दल गठित किया है . शीतल गीत गाती है ज्यादातर गीत वह हैं जो सचिन जेल के भीतर से लिख कर भेजता है . इन गीतों में करोड़ों हाशिए पर धकेल दिए गए लोगों के हजारों सालों के उत्पीडन की व्यथा है, एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतान्त्रिक समाज बनाने के लिए खुद से पूछे जाने वाले सवाल हैं .

और यह भी कोई दुर्घटना वश नहीं हुआ है कि जब भी शीतल के गीतों का कार्यक्रम होता है एबीवीपी शीतल साठे को देशद्रोही कह कर या तो कार्यक्रम में व्यवधान डालती है या धमकी देती है .
हमने अभी अभी रोहित वेमुला के मुद्दे पर देश की अंतरात्मा को झिंझोडा है .
इस कार्यक्रम में आप आमंत्रित हैं

आयोजक संगठन 
-आनंद पटवर्धन, कबीर कला मंच डिफेन्स कमेटी (KKMDC)
-अम्बेडकर स्टुडेंट्स एसोसियेशन हैदराबाद
-प्रकाश अम्बेडकर , भारीपा बहुजन महासंघ , मुंबई
-पेरियार स्टडी सर्कल चेन्नई
-फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट आफ़ इंडिया स्टुडेंट्स एसोसियेशन
-जन आंदोलनों का राष्ट्रीय (एनएपीएम् )समन्वय दिल्ली
-आल इंडिया स्टुडेंट्स एसोसियेशन (आइसा)
-आल इंडिया स्टुडेंट्स फेडरेशन ( एआईएसएफ)
-इंडियन पीपुल्स थियेटर एसोसियेशन दिल्ली (इप्टा )
-जन नाट्य मंच ( जनम )
-जामिया मिलिया टीचर्स सोलिडेरिटी एसोसियेशन
-सोशलिस्ट पार्टी इंडिया
-कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ( सीपीआई )
-पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज़ दिल्ली (पीयूसीएल)
-अनहद
-सहमत
-नवायाना
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