डीआरडीओ के जबरन भूमि हड़पने के विरोध में मेवात के किसान एकजुट; 14 अक्टूबर से पदयात्रा

राजस्थान के अलवर जिले के किसान भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के संगठन डीआरडीओ को वन भूमि के 850 हैक्टेयर के पहाड आवंटन के विरोध में संघर्षरत है । यह इलाका अलवर-दिल्ली मार्ग पर कीथूर गाँव के पास है। जिला प्रशासन ने बेहद खुबसूरत और पर्यावरणीय व आर्थिक महत्व के पहाड़ को डीआरडीओ के पक्ष में आनन फानन में डाइवरट कर दिया। इस भूमि की लूट के विरोध में मेवात किसान पंचायत के नेतृत्व में आंदोलन जारी है और आगामी 14 अक्टूबर से भूमि हड़प के विरोध में पदयात्रा शुरू की जा रही है जिसमे स्वराज अभियान के योगेन्द्र यादव भी भाग ले रहे है। पेश है मेवात किसान पंचायत की विज्ञप्ति;
क्या है जाजोर पहाड आंवटन का मामला ?

अलवर-तिजारा- दिल्ली सडक पर ग्राम किथूर के पास दाहिने हाथ की तरफ अरावली पर्वत क्षंृख्ला का एक महत्वपूर्ण पहाड है, जो लगभग 12 किमी लम्बा और पांच किमी चौडा है। इस पहाड की सीमायें ग्रा0पं0 जटियाना, सिरमोली, कारोली, किथूर, महरमपुर, खानपुर, घासोली, दोंगडा, बम्बोरा, तहनोली, इस्माइलपुर, जेरोता, राताखुर्द व भन्डवाडा से जुडी है। जिसमें 40 से अधिक गांव आते है। इन गांवों की आबादी 65000 से अधिक है और इनमें रहने वाले नागरिक कृषि व पशुपालन से अपना जीवन यापन करते है। इनमें से 35000 से अधिक नागरिक इस पहाड से सीधे प्रभावित हो रहे है। सवंत् 2001 तक यह पहाड राजस्व रिकार्ड में शामलाती भूमि था। इस पहाड के एक हिस्से यानि जाजोर, खोहबास, पहाडा आदि की 3400 बीघा जमीन गत दिनों भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन डीआरडीओं को आंवटित कर दी गई है।
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मान्यवर !

अलवर जिले के किसान इन दिनों सरकार द्वारा भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के संगठन डीआरडीओ को जाजोर वन खन्ड के 850 हैक्टेयर के पहाड आवंटन को लेकर क्षुब्ध है और पिछले कुछ महिनों से आन्दोलनरत् है। यह इलाका अलवर-दिल्ली मार्ग पर कीथूर गाँव के पास का है। जहां फर्जी दस्तावेज तैयार करके अलवर जिला प्रशासन ने बेहद खुबसूरत और पर्यावरणीय व आर्थिक महत्व के पहाड को गुपचुप में रक्षा मंत्रालय के संगठन डीआरडीओ के पक्ष में आनन फानन में डाइवरट कर दिया। प्रशासन ने ग्राम पंचायत कीथूर व ग्राम पंचायत महरमपुर की तरफ से फर्जी एनओसी तैयार करके भारत सरकार को यह प्रमाणपत्र जारी कर दिया कि अलवर जिले में वन अधिकार मान्यता कानून पूरी तरह से लागू कर दिया और वन अधिकार के एक भी दावे शेष नही है। इस झूंठे प्रमाणपत्र के बाद केन्द्र सरकार का वन व पर्यावरण मंत्रालय ने उक्त पहाड आंवटित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी।

जब किसानों को उक्त डाइवरजन का पता चला तो उन्होनें अनेक स्तर पर अपने एतराज उठाये, परन्तु जिला प्रशासन रक्षा मंत्रालय की राष्ट्हित की परियोजना बता कर उनके द्वारा की गई फर्जकारी को छिपाने पर आमादा हो गया। सूचना के अधिकार कानून व अन्य माध्यमों से प्राप्त दस्तावेजों से पता चलता है कि सरकार ने ना तो अरावली नोटिफिकेशन का ध्यान रख ना ही अलवर जिले के पर्यावरणीय मास्टर प्लान का ध्यान रखा। अलबत्ता सभी कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करके उक्त पहाड व पहाड से सटी 1700 हैक्टेयर की भूमि भी डीआरडीओ के पक्ष में कर दी। यह इलाका पशुपालन का व्यवसाय करने वाली जातियों का है। इस पहाड के आंवटन से हजारों की संख्या में परिवारों के पास जीवन जीने का संकट पदा हो जायेगा।

एक अन्य तथ्य यह है कि पिछली यूपीए सरकार के रक्षा राज्य मंत्री श्री जीतेन्द्र सिंह यहां से पहले सांसद रहे है। उनके काल में अलवर जिले के मेवात क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक इलाके में पैरा मिलेट््री फोर्सेज के प्रशिक्षण केन्द्र खेले गये है। इससे भी मेवात में काफी आक्रोश है। यहां के नागरिकों की मान्यता है कि मेवात का सैन्यीकरण एक सोची समझी नीति का हिस्सा है। इससे इस क्षेत्र के गौचर/ गिदावडे आदि भूमि पर सैन्य व अर्द्ध सैन्य संगठन कब्जा कर लेगें और इस क्षेत्र का पर्यावरण व पशुपालन का व्यवसाय पूरी तरह नष्ट होता जा रहा है। विकास के नाम पर सैन्यीकरण के इस खेल से अलवर जिले को कोई लाभ नही हो रहा। अलबत्ता मेवात की संस्कृति व सभ्यता के अस्तत्व को ही खतरा हो रहा है।

आगामी 14 अक्टूबर 2015 को हम ग्राव खोहबास से किसानों की एक पदयात्रा का आयोजन कर रहे है।यह पदयात्रा पूरे पहाड के चारों और की 13 पंचायतों के दो दर्जन से अधिक गांवों में जायेगी। पदयात्रा में किसान अपने पालतू जानवरों के साथ रहेगें। 14 तारीख को स्वराज अभियान के योगेन्द्र यादव सहित अनेक माजकर्मी शामिल रहेगें। पहले भी समाजवादी पूर्व विधायक डाॅ0 सुनीलम व हिमालय नीति अभियान के साथी गुमान सिंह भी यहां किसानों का हौसला अफजाई के लिये आ चुके है। 14 तारीख को स्वराज अभियान के योगेन्द्र यादव हमारे साथ होगें। कार्यक्रम प्रातः 11 बजे से प्रारम्भ होगा। अतः आपसे आगह है कि इस अवसर पर सम्मिलित होकर इस आन्दोलन को मदद करें।

जो साथी दिल्ली से आना चाहते है वे हमारे प्रतिनिधि इंसाफ से श्री रमेश शर्मा से 9818111562 पर  आने जाने के बारे में सम्पर्क कर सकते है।

आशा है इस संघर्ष में आपका सहयोग मिलेगा।

विनीत

मैालाना हनीफ खान 9252447266, शिपात खान मैनेजर 9461138786 वीरेन्द्र क्रान्तिकारी 9783823037 व वीरेन्द्र विद्रोही 9414017241
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