किसानों के दमन पर आमादा समाजवादी सरकार

उत्तर प्रदेश के कनहर  बांध का विरोध कर रहे  आदिवासियों  के क्रूर दमन को अभी हम भूल नहीं पाए थे कि समाजवादी सरकार ने करछना में अपना नया कारनामा दिखा दिया। अपनी जमीन बचाने के लिए धऱने पर बैठे किसानों का क्रूरतम दमन कर  सरकार ने जन हितैषी होने का मुखौटा खींच कर फेंक दिया और काॅर्पोर्ट समर्थक होने का अपना असली चरित्र  उजागर कर दिया। कचरी (करछना) इलाहाबाद में बीते 9 सितम्बर 2015 की सुबह 7 बजे किसान आंदोलनकारियों पर पुलिस कहर बनकर टूट पड़ी। धरना स्थल पर मौजूद लोगों की पिटाई कर गिरप्तारी के साथ ही साथ वहां लगाई गई मड़ई को भी पुलिस प्रशासन ने स्वयं आग के हवाले कर आन्दोलनकारियों पर आरोप मढ़ दिया। ज्ञात रहे कि करछना के किसान ‘किसान कल्याण संघर्ष समिति’ करछना  के बैनर तले पिछले 1847 दिनों से जेपी पॉवर प्लांट के भूमि अधिग्रहण के विरोध में धरना दे रहे थे। इस से पूर्व में भी कई बार किसानों पर बर्बर गोलीबारी, लाठी चार्ज किया जा चुका है। यहां तक की पुलिस की की गोली से एक किसान मौत भी हो चुकी है। पेश है मिर्जापुर से राजेंद्र मिश्रा की रिपोर्ट;
26 सितम्बर 2015 को कचरा गाँव में किसान सभा

किसान 26 सितम्बर 2015 को कचरा गाँव में एक बड़ी सभा कर अपनी आवाज बुलंद करने वाले हैं। आजादी बचाओ आन्दोलन, एनएपीएम और जेएसएस के लोग किसान सभा में पहुच रहे है।

ग्रामीण अभी सुबह-सुबह उठकर अपने दैनिक क्रिया कर्म में लगे थे कि 15-20 गाड़ियों मे सवार पुलिस, पीएसी, सीआरपीएफ एवं एसटीएफ फोर्स के साथ तहसील एवं जिला प्रशासन के नेतृत्व में फोर्स ने धरना स्थल पर कब्जा जमाने के बाद गांव की ओर कूच किया, धरना स्थल से चन्द कदम की दूरी पर स्थित गांव में भी पुलिस कहर बन टूट पड़ी। नाबालिग से लेकर 75 वर्ष के बुजर्गों तक को नहीं छोड़ा। पिटाई के बाद लोगों को गाड़ियों में भूसे कि तरह भर कर उठा ले गये।

गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस का तांडव जारी रहा कई घरों के दरवाजे खिड़की तक को तोड़ कर घरों की तलाशी ली गयी। ग्रामीणों का यहां तक कहना है कि पुलिस के जवान घरों में घुसकर बहुत सा कीमती सामान भी उठा कर ले गए।

आंदोलन के नेतृत्वकर्ता राजबहादुर पटेल फिर भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आये जबकि उनके परिवार के करीब 22 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है।

ग्रामीणों के कथनानुसार कुल 42 लोगों को पुलिस उनके घरों से उठा कर ले गई जिसमें कुछ नाबालिग भी शामिल थे। ग्रामीणों के उपर तीन फ़र्जी मुकदमे दायर किए गए-
•    अपराध संख्या 369/15 धारा, 143,436 आईपीसी, 7 क्रिमिनल अमेन्डमेंड एक्ट
•    अपराध संख्या 370/15 धारा 147,148 आईपीसी, 7 क्रिमिनल अमेन्डमेन्ट एक्ट
•    अपराध संख्या 371/15 धारा 147,148,149,307,286,353,332,336, आईपीसी, 7 क्रिमिनल अमेन्डमेंड एक्ट
इन मुकदमों में ग्रामीणों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया। ग्रामीणों के बीच दहशत कायम करने के लिए  फोर्स द्वारा गोलियां भी दागी गई।

ग्रामीण पूरी तरह से दहशत में हैं। बचे हुए लोग पुलिस के डर से गांव छोड़ रहे हैं। राजबहादुर पटेल की गिरफ्तारी हेतू जिला प्रशासन ने 5000 रूपये का इनाम भी घोषित किया है।

जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन राजबहादुर पटेल के जीवन के साथ खिलवाड़ करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर फर्जी मुठभेड़ दिखा कर एनकाउंटर करने का कुचक्र रच रही है।

ज्ञातव्य हो कि पिछले 7 वर्षों से स्थानीय कई गांवों के किसान अपनी जमीन जे0पी0 पावर प्रोजेक्ट को दिये जाने के विरूद्व लामबंद होकर संघर्ष करते आ रहे है। हाई कोर्ट, इलाहाबाद द्वारा भी किसानों के पक्ष में निर्णय आ चुका है फिर भी उत्तर प्रदेश शासन किसी भी प्रकार से जमीन पर जे0पी0 के लोगों को कब्जा कराने की नाकाम कोशिश करती आ रही है।

9 सितम्बर 2015 के पूर्व भी कई बार किसानों पर बर्बर गोलीबारी, लाठी चार्ज किया जा चुका है। यहां तक की एक किसान की गोली लगने से मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद किसान अपनी जमीन देने के पक्ष में नही है।
धीरे- धीरे किसान पुनः लामबद्व होकर आगामी 26 सितम्बर 2015 को कचरा गाँव में एक बड़ी सभा कर अपनी आवाज बुलंद करने वाले हैं। उक्त सभी की अगुआई के लिए आजादी बचाओ आन्दोलन, एनएपीएम की मेधा पाटेकर और जेएसएस के लोग संपर्क कर रहे है।

विदित हो कि बीते 22 अगस्त 2015 को कचरी के कुल 122 लोगों के विरूद्व शान्ति भंग की धारा 107/116 के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए नोटिस तामिल की कार्यवाही हेतु सक्रिय ही है। कुल मिलाकर एक सुनियोजित योजना के तहत पूरी कार्यवाही को अमली जामा पहना कर प्रशासन खुद ही अपनी पीठ ठोक रही र्है।
गिरफ्तार लोगों की सूची-
1.    रीता देबी         पत्नी  राजबहादुर पटेल      44वर्ष
2.    कु. ज्योति         पुत्री  राजबहादुर पटेल      16 वर्ष
3.    दिलीप कुमार पटेल पुत्र राजबहादुर पटेल        17 वर्ष
4.    राधेश्याम           पुत्र सत्यनारायण            62वर्ष
5.    सुनील कुमार       पुत्र राधेश्याम               31वर्ष
6.    मनीष कुमार         पुत्र सुनील कुमार           17वर्ष
7.    नचकउ            पुत्र मथुरा प्रसाद             69वर्ष
8.    मुल्लत            पुत्र मथुरा प्रसाद            50 वर्ष
9.    रामनरेश           पुत्र ओम प्रकाश            32 वर्ष
10.    शिवनरेश         पुत्र ओम प्रकाश            20 वर्ष
11.    ज्ञानचन्द्र         पुत्र ओम प्रकाश            28 वर्ष
12.    रामकली         पुत्री ओम प्रकाश               17 वर्ष
13.    सूर्यबली          पुत्र भगवती प्रसाद          55 वर्ष
14.    अभिषेक         पुत्र सूर्यबली               
15.    विकास सिंह     पुत्र महन्त सिंह             17 वर्ष
उपरोक्त सभी राजबहादुर के परिवारजन
16.    रामदेव          पुत्र राम सजीवन           44वर्ष
17.    रामजस         पुत्र राम सजीवन           37वर्ष
18.    अगम लाल        पुत्र बेचन                62वर्ष
19.    भांजा शिष कुमार सिंह                      16वर्ष
20.    हजारी लाल        पुत्र तिलक धारी         45वषर््ा
21.    महिला            पत्नी तिलक धारी        65
22.    बलवंत           पुत्र मुसई               50
23.    दुल्तर            पुत्र सियाराम            48
24.    योगेन्द्र का मित्र अज्ञात                    13
25.    योगेन्द्र कुमार      पुत्र समरजीत           13
26.    रीत देवी           पुत्री राम लाल           35
27.    इन्द्रमणी           पुत्र अगम लाल           35
28.    रामराज           पुत्र अमृत लाल            50
29.    वीरेन्द्र            पुत्र सिपाही लाल          32
30.    रोशन            पुत्र पारसनाथ             40
31.    अनूप कुमार       पुत्र रमाकान्त             15
32.    प्रमोद कुमार       पुत्र रामप्रसाद            23
उपरोक्त सभी कचरी ग्राम के है।
33.    बृजेश कुमार
34.    भीम सेन शर्मा ये दोनो देवरी ग्राम के है।




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