म. प्र. सरकार की क्रूरता जारी : बिना पुनर्वास डुबोये व तोड़े जा रहे हैं विस्थापितों के घर

नर्मदा घाटी के अपर बेदा बांध के डूब क्षेत्र में म.प्र.सरकार की क्रूरता और निर्दयता दूसरे दिन भी जारी रही। 6 अगस्त को बांध में 313.5 मीटर तक पानी भरा गया जिससे अनेक घरों में पानी भर गया। पलदा गांव में पुनर्वास कमिश्नर रेणु पंत पुलिस व् अधिकारीयों, जे सी बी मशीनों व् ट्रैक्टर्स के साथ पहुची और भय व् आतंक का माहौल बनाकर विस्थापितों के घर तोड़े गए। सोनुद और उदयपुर गांवों के भी अनेक घरों में पानी भर गया है।

नर्मदा आंदोलन की वरिष्ठ कार्यकर्त्ता सुश्री चित्तरूपा पालित ने इस गंभीर स्तिथि पर इंदौर संभाग आयुक्त श्री संजय दुबे से मुलाकात कर तत्काल बांध का जल स्तर 310 मीटर तक करने की मांग की। सुश्री पालित ने इस सम्बन्ध में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष व् पूर्व मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी से भी बात की।

नर्मदा आंदोलन सरकार की इस अमानवीय और गैर कानूनी करवाई की कड़े शब्दों में निंदा करता है और मांग करता है कि पानी का स्तर वापस 310 मीटर पर लाया जाये और सभी प्रभावितों का सम्पूर्ण पुनर्वास करने के बाद ही बांध में पानी भरा जाये।
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