जमीन छिनने के खौफ से बेचैन किसान


राजस्थान के झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित तीन सीमेंट प्लांटों के विरोध में पिछले 1715 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी है. सरकार की और 14 मई  को भूमि कब्ज़ा करने की कार्रवाई ग्रामीणों के विरोध कारण शुरू नहीं हों पाई। इस बीच एसडीएम का तबादला भी कर दिया गया. ज्ञात हो कि झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ और सीकर जिले के बेरी क्षेत्र में सीमेंट कंपनियों के लिए 18 गांवों में बसी करीब 50 हजार लोगों की आबादी को उजाड़ने की तैयारी चल रही है। आदित्य बिड़ला ग्रुप की ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड अल्ट्राटेक लिमिटेड व आईसीएल सीमेंट लिमिटेड, बांगड़ ग्रुप की श्री सीमेंट लिमिटेड जैसी नामी कंपनियों को सरकार ने 72 हजार बीघा बेशकीमती जमीन हड़पने की हरी झंडी दे दी है। जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसान पिछले सात सालों से संघर्षरत है.  18 मई को नए  एसडीएम ने कार्यभार संभाला उन्हें भी  भूमि अधिग्रहण विरोधी किसान सघर्ष समिति  ने ज्ञापन सौपा है जिसे हम यहाँ पर साझा कर रहे है;

सेवामें,
उपखण्ड अधिकारी
नवलगढ (राजस्थान )
विषय : नवलगढ़ में  प्रस्तावित सीमेंटप्लांट के खिलाफ ज्ञापन।

सादर निवेदन है कि नवलगढ़ क्षेत्र के गोठडा गांव में श्री सीमेंट कम्पनी की मोहनवाडी, खिरोड, तुकोणी गांव की  उपजाउ भूमि का अल्ट्राटेक कम्पनी के लिए अधिग्रहण प्रस्तावीत है जिसका यहां के किसान पिछले सात साल से पुरजोर विरोध कर रहे है  4 साल 9 माह से लगातार उपखण्ड के सामने धरने पर बैठे है अभी पिछले 5 और 6 दिनों से लगातार यह खबर आ रही है कि सीमेंट प्लाट के लिये प्रस्तावित 14216 हेक्टर जमीन का रिको पुलिस के बल से जबरजस्ती खाली करवाने की तैयारी चल रही है। किसानो के बिना सहमति से जबरदस्ती कार्यवाही की गई तो यहां  पर किसान अपने घर व जमीन बचाने के लिये जान भी दे सकते है। किसानो के साथ उपरोक्त कार्यवाही हुई तो उसमे जो भी जान माल का नुकसान होगा उसमे आपकी जिमेवारी होगी।

18/05/2005
 धन्यवाद
भूमि अधिग्रहण विरोधी किसान सघर्ष समिति नवलगढ़
सहयोजक के दीप सिंह शेखावत - 9460148924
Share on Google Plus

संघर्ष संवाद के बारे में

एक दूसरे के संघर्षों से सीखना और संवाद कायम करना आज के दौर में जनांदोलनों को एक सफल मुकाम तक पहुंचाने के लिए जरूरी है। आप अपने या अपने इलाके में चल रहे जनसंघर्षों की रिपोर्ट संघर्ष संवाद से sangharshsamvad@gmail.com पर साझा करें। के आंदोलन के बारे में जानकारियाँ मिलती रहें।