मध्य प्रदेश शासन का आदेश: पांच वर्ष से भौतिक कब्ज़ा न किए जाने की दशा में भू-अर्जन निरस्त



ओम्कारेश्वर व् अपर बेदा बांध के हजारों प्रभावित लाभान्वित होंगे 
मध्य प्रदेश सरकार ने नए भू-अर्जन कानून के सम्बन्ध में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है जिसमें स्पष्ट किया गया है कि जहाँ भू-अर्जन की प्रक्रिया को 5 वर्ष से अधिक समय बीत चुका हैं और भौतिक कब्ज़ा अभी तक नहीं लिया गया है वहाँ भू-अर्जन की कार्रवाई व्यपगत/निरस्त मानी जाएगी और यदि सरकार चाहे तो नए कानून के आधार पर नया भू-अर्जन कर सकती है। इस आदेश से ओम्कारेश्वर और अपर बेदा बांध के हजारों प्रभावितों का भू-अर्जन निरस्त हो गया है। अब यदि सरकार चाहे तो नए सिरे से भू-अर्जन कर सकती है। उल्लेखनीय है कि गत 23 सितम्बर को खंडवा कलेक्टोरेट पर ओम्कारेश्वर बांध प्रभावितों और 26 सितम्बर को खरगोन कलेक्टोरेट पर अपर बेदा बांध प्रभावितों ने भू-अर्जन निरस्त होने संबंधी अपने आवेदन प्रस्तुत किये थे.

राजस्व विभाग का आदेश  

मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग ने 29 जनवरी, 2014 को आदेश निकालकर सभी जिला कलेक्टरों को नए भू-अर्जन कानून (भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013) की धारा 24 के बारे में निर्देश दिए हैं। इस आदेश में स्पष्ट लिखा है:

“अधिनियम 2013 की धारा 24 की उपधारा (2) के अनुसार यदि किसी मामले में अधिनियम, 1894 की धारा 11 के अंतर्गत अवार्ड पारित हुए 5 वर्ष या उससे अधिक की अवधि बीत चुकी है और ऐसे मामलों में भूमि का भौतिक कब्ज़ा नहीं लिया गया है या प्रतिकार (मुआवजा) का भुगतान नहीं किया गया है तो ऐसे सभी मामले स्वतः व्यपगत समझे जायेंगे और यदि ऐसे मामलों में भू-अर्जन आवश्यक है तो अधिनियम, 2013 के अंतर्गत नए सिरे से भू-अर्जन की कार्यवाही करना होगी |”

उल्लेखनीय है कि ओम्कारेश्वर व अपर बेदा बांध के सैकड़ों प्रभावितों का भू-अर्जन लगभग 10 वर्ष पूर्व हुआ था परन्तु पुनर्वास न होने के कारण आज भी भौतिक कब्ज़ा उन्हीं के पास है। ऐसे में लगभग 1,500 प्रभावित लोग इस सम्बन्ध में अपने आवेदन सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर चुके हैं।
 कलेक्टर खंडवा कार्यालय ने लिखा एन.एच.डी.सी. को पत्र :

नए कानून पर मध्य प्रदेश सरकार के उपरोक्त आदेश को खंडवा कलेक्टर कार्यालय से दिनांक 31 जनवरी 2014 को महाप्रबंधक, एन.एच.डी.सी. को भेजकर शासन के निर्देशानुसार करवाई करने को कहा है.

मध्य प्रदेश सरकार का आदेश -



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