गैस के सवाल पर आंदोलन की शुरूआत

गैस के गोरखधंधे के ख़िलाफ़ लखनऊ में एक नया आंदोलन आकार लेने की राह पर है। यह नागरिक परिषद की पहल से संभव हो रहा है। रिलायंस के हित में गैस के दाम दोगुना किये जाने की सरकारी क़वायद की भनक लगते ही नागरिक परिषद तुरंत सामने आयी। लखनऊ का दिल कहेजानेवाले हज़रतगंज में 4 मई 2014 को आनन-फ़ानन आयोजित किये गये विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग जुटे। अब विरोध के अगले चरण की तैयारी है। इरादा यह सवाल जनता के बीच ले जाने का है कि प्राकृतिक संसाधनों पर आख़िर किसका अधिकार है और उसे कारपोरेट की लूट के हवाले क्यों नहीं किया जाना चाहिए?  पेश है अभियान का परचा;

गैस का दाम दोगुना हुआ 
रविवार, 4 मई को, 5 से 7 बजे तक, जी.पी.ओ. पटेल प्रतिमा (लखनऊ) पर विरोध प्रदर्शन 

आदरणीय नागरिकों, बहनों-भाइयों,
मुकेश अम्बानी ने अभी हालही में  प्रेस कांफ्रेंस करके मांग की थी कि 12 मई को आखिरी वोट पड़ जायेंगे, चुनाव आचार संहिता खत्म हो जायेगी। अतः केन्द्र सरकार 13 मई को अधिसूचना जारी करके ‘वादे के अनुसार’गैस का दाम दोगुना करने का आदेश जारी करे। आक्सीजन पर चल रही केन्द्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने अंबानी की मांग को ‘शासनादेश’ मानते हुए तुरन्त पेट्रोलियम मंत्रालय के अफसरों को निर्देश जारी किया कि गैस मूल्य वृद्धि की अधिसूचना 17 मई को जारी हो लेकिन ‘वादे के अनुसार’ पहली अप्रैल से मूल्य वृद्धि लागू की जायेगी। किसी पार्टी के किसी नेता ने वीरप्पा मोइली के इस कदम का विरोध नहीं किया, न ही इस मुद्दे पर देश के सामने अपनी पार्टी का रुख या अपनी नीति को स्पष्ट किया। मोदीवादी सभी चैनल इस खबर को पी गये और पूरी तरह मौन रहे।

कारपोरेट प्रिंट मीडिया ने मुकेश अम्बानी और रिलायंस की गैस मूल्य वृद्धि की मांग को तो अपने अखबारों में छापा लेकिन उनके पालतू वीरप्पा मोइली जी का गैस मूल्य वृद्धि का ताजा निर्देश पूरी तरह डकार गये। मीडिया ने 17 मई को जारी होने वाली गैस मूल्य वृद्धि की सूचना देश की जनता को देना जरूरी नहीं समझा। सिर्फ ‘जनसत्ता’ अखबार ने अपने एक मई के अंक में पेज-7 पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गुरुदास दासगुप्ता के हवाले से छापा है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक वीरप्पा मोइली के इस ‘अवैध आदेश’ को रोका जाय। इस संबंध में कम्युनिस्ट नेता ने मनमोहन सिंह, चुनाव आयोग आदि को पत्र लिखकर मांग की है।

आपको याद ही होगा कि चुनाव आयोग ने सरकर से प्राकृतिक गैस के दाम में वृद्धि को लोकसभा चुनाव पूरा होने तक टालने को कहा था। साथ ही साथ सरकार को फैसला लेने का अधिकार है। अतः केन्द्र सरकार ‘अवैध काम’ न करे।

सच्चाई यह है कि वर्तमान केन्द्र सरकार, भावी मोदी सरकार और भारत की ‘सर्वकालिक अम्बानी सरकार’ को जानकारी मिली है कि 16 मई को आने वाले  परिणाम में ‘मोदी सरकार’ का बहुमत नहीं बन रहा है। पूर्ण बहुमत निर्माण के लिए ‘काले धन की सरकार’ ने एक स्थाई कोष पहले से बनाकर सुरक्षित रखा है। पूर्ण  बहुमत के लिए ‘फुटकर पार्टियों’ और नेताओं को ‘गठबंधन शुल्क’ तथा ‘दलबदल फीस’ अदा करने के उद्देश्य सेयह ‘स्थाई काला कोष’ बनाकर रखा गया है। 16 मई से काले धन का खेल ‘स्थाई सरकार’ बनाने के लिए अनिवार्य होने वाला है। इसीलिए तिरंगे झंडे तले मोइली जी, अम्बानी जी की गैस मूल्य वृद्धि की मांग को ‘शासनादेश’ समझ रहे हैं और इसीलिए राष्ट्रवादी पार्टी केशुचिता-पवित्रता-चरित्र की गंगा में रोज स्नान करने वाले सभी नेता मोइली के इस आदेश पर चुप्पी साध लिये हैं। सभी पार्टियां, सभी नेता, सभीझंडे, सभी चैनलों के भोंपू गूंगे-बहरे हो गये हैं।

मुकेश अम्बानी झूठ नहीं बोलते हैं। वे कह चुके हैं कि ‘कांग्रेस’ तो अपनी दुकान है। देखना है हमारे प्यारे मोदी इस फैसले पर गुस्सा होते हैं या नहीं। आपको बता दें कि इस साल मुकेश अंबानी की कम्पनी को लगभग 27000 करोड़ रुपये का निबल लाभ हुआ है और गैस मूल्य वृद्धि के 17 मई को जारी होने वाले सिर्फ इस एक आदेश से चालू साल में उनकी कम्पनी को 54000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फायदा गैस बेचनेे से होगा। यह भी जान लीजिए कि तेल और गैस निकालने व इसका शोधन करने वाली हमारे देश की सबसे बड़ी कम्पनी ‘सरकारी ओ.एन.जी.सी. कम्पनी’ या गैस अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) ने गैस का दाम बढ़ाने की मांग नहीं की है। नागरिक परिषद की ओर से हम मांग करते हैं कि:
  1. गैस मूल्य वृद्धि के इस मुद्दे पर सभी पार्टियां, सभी नेता, सरकारें अपना रुख तत्काल साफ करें। 
  2. प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेन्द्र मोदी सहित भाजपा के नेता इस मुद्दे पर अपनी नीति साफ करते हुए कांग्रेस सरकार के इस अवैध कदम की निन्दा करें। 
  3. 12 सिलेण्डर तक की घरेलू गैस सिलेण्डर की सीमा समाप्त करो, घरेलू गैस का दाम कम करो।
  4. मुकेश अम्बानी की कम्पनी रिलायंस के हाथ से सभी तेल क्षेत्र, तेल कुएं, पाइप लाइन, रिफाइनरीज़, गैस कुएं, गैस क्षेत्र वापस लेकर सरकारी कम्पनी ओ.एन.जी.सी. को सौंप दिये जायें।
  5. तेल और गैस के क्षेत्र में काम करने वाले रिलायंस के सभी कर्मचारियों, अधिकारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करते हुए ओ.एन.जी.सी. में शामिल कर लिया जाय। उन्हें अतिरिक्त बोनस दिया जाय। 
  6. रिलायंस के हिसाब-किताब और खातों की गहन जांच की जाय और रिलायंस कम्पनी से लाभ प्राप्त करने वाले राजनीतिज्ञों को जेल भेजा जाय तथा मुकेश अम्बानी से लाभ प्राप्त करने वाली पार्टियों पर प्रतिबंध लगाया जाय। 
  7. घरेलू उपयोग में आने वाली तथा रेल, बिजली और खाद निर्माण में काम आने वाली गैस का दाम कम करने के लिए इस पर लगने वाला टैक्स समाप्त हो। 
 ताकि बिजली, खाद के कारखाने चल सकें। रेलवे, एन.टी.पी.सी., रोड ट्रांसपोर्ट और घरेलू उपयोग के लिए सस्ती गैस देश की आम जनता की जरूरत है। सस्ती गैस देश की आम जनता का अधिकार है क्योंकि यह प्राकृतिक उत्पाद है। धनकुबेरों के कारखानों में गैस पैदा नहीं होती। इसलिए किसी भी सरकार और किसी भी न्यायालय को यह अधिकार नहीं है कि वे देश की सम्पत्ति को अंबानी की निजी सम्पत्ति बना दें और अम्बानी जैसे लोग नेताओं से सांठगांठ करके देश की जनता और उसकी चुनी संसद को गैस के लिए ब्लैकमेल करें। इस संबंध में नागरिक परिषद के विरोध कार्यक्रम को सभी जगहों पर आगे बढ़ावें।

 कार्यक्रम: रविवार, 4 मई सायंकाल 5 से 7 बजे तक जी.पी.ओ. पटेल प्रतिमा के सामने गैस मूल्य वृद्धि पर विरोध प्रदर्शन तथा परचा वितरण 
सोमवार 5 मई  से 17 मई तक अन्य जनवादी-समाजसेवी संगठनों के सहयोग से प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन आंदोलन के अलग-अलग रूप में कार्यक्रम आयोजित किये जायें। जन संगठनों, मजदूर संगठनों आदि की ओर से समर्थन में बयान जारी करवाया जाय। सभी से कहें उपवास, अनशन, प्रदर्शन, मार्च, पुतला दहन आयोजित कर इस मूल्य वृद्धि की निंदा करते हुए उक्त मांगों पर जोर दें। सभी का सहयोग लें आंदोलन को आगे बढ़ावें। देशद्रोही जनद्रोही नेताओं और काले धन पर पलने वाली पार्टियों को बेनकाब करें।

निवेदक :  उ.प्र.  नागरिक  परिषद,  लखनऊ
सम्पर्क फोन: रामकृष्ण-9335223922, सत्येन्द्र कुमार-9415319070, अखिलेश सक्सेना-9889346306, के.के. शुक्ला-9453682439, अरविन्द पचौरी-9451914881, शिवाजी राय-9450218946, वीरेन्द्र त्रिपाठी-9616689170, लता राय-9451087816, आदियोग-9415011487, विपिन त्रिपाठी-9450368457, एम.के. सिंह-7499843500, प्रभू दयाल, सुरेश लहरी, मु. मसूद, डॉ. नरेश कुमार, नन्हकऊ लाल हरिद्रोही, अशोक सिंह, ज्योति राय-8423619156, एस.के. पंजम, रितेश चन्द्रा, अजीजुल हसन, प्रदीप पाण्डेय, हिमांशु भारत, अनुराग श्रीवास्तव, विवेक सनाढ्य, आर.ए.एस. खंगार, विनोद उपाध्याय, आर.के. सिंह, मो अजीज
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