मुलताई गोली कांड की 16वीं बरसी: 12 जनवरी को शहीद किसान स्मृति सम्मेलन

12 जनवरी 1998 को मुलताई में किसानों के ऊपर हुए गोलीकांड में 24 किसान मारे गए थे. 12 जनवरी को उस घटना के 16 साल होने जा रहे हैं.  सवाल किसानों के जीविका के संघर्ष को लेकर था और शासन के द्वारा उसपर हमला किया गया, जिसमे लोगों की मौत हुई. आज भी वह सवाल मौजूद हैं,  देश में किसान और मजदूर वर्ग आज भी जीविका की लड़ाई लड़ रहे हैं और नवउदारवाद के माहौल में नई पूंजीवादी ताकतें राज्य के साथ मिलकर और तेज हमला कर रही है. देश भर के जन आंदोलनों के साथी, शिक्षाविद, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और किसानों से अपील हैं कि किसान संघर्ष समिति के आंदोलन को समर्थन देने मुलताई पहुचें। पेश है किसान संघर्ष समिति की यह विज्ञप्ति;


किसान संघर्ष समिति द्वारा आगामी 12 जनवरी 2014 को शहीद किसानो की स्मृति में 16वॉ शहीद किसान स्मृति सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में देश भर के जनसंगठनों के नेता, कार्यकर्ता शहीदों को श्रद्धांजली देने के साथ साथ शहीद परिवारों को सम्मानित  करेंगें। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सम्मेलन में किसानी घोषणा पत्र 2014 जारी किया जायेंगा । घोषणा पत्र में बिजली के सभी किस्म के बिल आधे करने, नष्ट हुई सोयाबीन की फसलो का फसल बीमा तथा अधिकतम मुआवजा देने, किसानो की कर्ज माफी, मुफ्त सिंचाई उपलब्ध कराने, किसानो पर लादे गए फर्जी मुकदमों को बापस लिए जाने, किसानो की न्युनतम आय प्रति माह 10,000 रु.  सुनिष्चित करने, फसलो का उचित दाम लागत की दुगनी कीमत के साथ 50 प्रतिशत मुनाफे के साथ राष्ट्रीय किसान आयोग द्वारा प्रस्तावित फार्मुले के साथ-साथ महगाई वृद्वि को जोडकर फसल का दाम तय किया जाना, सोयाबीन का दाम 4500 रु. प्रति क्विं, गेंहू का दाम 2500रु. प्रति क्वि. और मक्का की खरीद 2000 रु. प्रति क्वि. समर्थन मुल्य पर की जाये जैसे  मुद्दे शामिल किऐ गये है । इस अवसर पर विद्या मेमोरियल ट्र्स्ट द्वारा 24 प्रतिभाशाली छात्राओं को भी पुरस्क्रत किया जायेगा।

हर वर्ष की तरह इस वार भी रक्त दान षिविर का भी आयोजन होगा ताकि षहीदों की स्मृति में रक्त के जरूरतमंदों को जीवनदान दिया जा सके।

श्रध्दाजंली कार्यक्रम में चौधरी मुन्नवर सलीम सासंद (समाजवादी पार्टी), सोशलिस्ट जनता पार्टी की अध्यक्ष  मंजु मोहन, सोशलिस्ट पार्टी इण्डिया के महासचिव प्रेमसिह,  लेाक विघा जन अन्दोलन की राष्ट्रीय संयोजिका डॉ चित्रा सहसबुध्दे, एकता परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ रनसिंह परमार, सेाशलिस्ट फंरट के विजय प्रताप, दक्षिण एशिया समाजिक मंच प्रक्रिया के डॉ. अनिल मिश्रा, वरिष्ट पत्रकार अमरीष कुमार, माले की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ताहिरा हसन, किसान मंच के राष्ट्रीय संयोजक विनोद सिह, महामंत्री प्रताप गौस्वामी,  जागृति आदिवासी दलित संगठन की माधुरी बहन, श्रुति से श्वेता त्रिपाठी, राष्टीय घरेलु कामगार युनियन की गीता बहन, भारतीय किसान युनियन के उपाध्यक्ष संतोष अग्रवाल, आर्थिक न्याय संस्थान के अध्यक्ष अर्थशात्री रोशन लाल अग्रवाल, भारत  जन अन्दोलन के संयोजक जयंत वर्मा, युसुफ मेहरअली युवा विरादरी की राष्टीय संयोजिका गुड्डी, जन अन्दोलन के राष्टीय संमन्वय के संयोजक प्रफुल्ल सामंत राय, राष्ट सेवा  दल  के जबर सिह, फोकस ऑन दा ग्लोवल साउथ के संयोजक अफसर जाफरी, लोकहित समिति के संयोजक अवधेश जी, किसान संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष आराधना भार्गव, डॉ ए.के. खान महामंत्री, राजेन्द्र पुरोहित जन संसद अभियान समिति म.प्र. के नेता गण शामिल होगें। उल्लेखनीय हे कि 12 जनवरी को मुलताई के किसानो पर पुलिस गोली चालान किया गया था जिसमें 24 किसान शहीद हुए थे तथा 150 किसानो को गोली लगी थी। दोषी अधिकरियो पर हत्या का मुकद्मा दायर करने की वजह डॉ. सुनीलम सहित 250 किसानो पर 67 मुकद्दमे दर्ज किऐ गए थे जिनमे से 3 मुकद्दमो में डॉ. सुनीलम एवं अन्य तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी सभी को उच्च न्यायलय द्वारा जमानत दे दी गई । वर्तमान में 67 में से 15 मुकद्मे न्यायलय में लंबित हैं किसान संघर्ष समिति द्वारा ष्षहीद किसानो की  स्मृति  में हर माह किसान महापंचायत का आयोजन किया जाता है 12 जनवरी 2014 को मुलताई में  213वी किसान महापंचायत होगी ।

लोक विघा जन अन्दोलन समागम मुलताई में होगा ।

किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष पुर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने प्रेस वार्ता को संबोधित करतें हुऐ कहा कि षहीद किसानो की स्मृति में 11 जनवरी 2014 को मुलताई में लोक विघा जन अन्दोलन का राष्ट्रीय समागम आर्षीवाद लॉन सुबह 10 वजे से होगा लोक विघा जन आन्दोलन की राष्ट्रीय संयोजिका डॉ. चित्रा सहसबुद्वे की अध्यक्षता में आयोजित किया गया है। लोकविद्या के बल पर जीना यह मनुष्य का जन्मसिद्ध अधिकार है। इसलिये विस्थापन पूरी तरह बंद हो और किसान, कारीगर व आदिवासियों के उत्पादन को जायज मूल्य मिले § ज्ञान के क्षेत्र में ऊँच-नीच सर्वथा नाजायज है। लोकविद्या को विष्वविद्यालय के ज्ञान के बराबर का दर्जा होना चाहिये। पहले कदम के रूप में लोकविद्या के आधार पर काम करने वालों की आय नियमित और पक्की की जाये तथा यह आय सरकारी कर्मचारी के बराबर हो। राष्ट्रीय संसाधनों का बराबर का बंटवारा हो। बिजली, पानी, षिक्षा, चिकित्सा, वित्त इन सबकी व्यवस्थायें सबके लिये समान हों, स्थानीय व्यवस्थाओं पर स्थानीय समाजों का नियंत्रण हो। इसके लिये प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय समाजों का नियंत्रण हो तथा स्थानीय उद्योगों और स्थानीय बाजार में बड़ी पूंजी की घुसपैठ पर रोक हो, गंव-गांव में मीडिया स्कूल हो। इन स्कूलों में ग्रामीण युवाओं को यह सिखाया जायेगा कि उनकी अपनी बात क्या है, उसे कैसे कहना है, किससे कहना है, कहां दावा पेष करना है, आपस में वार्ता की विधायें क्या होनी हैं, और इन सब बातों का कैसा ताना-बाना हो कि बदलती दुनिया में बराबरी और खुषहाली की जिन्दगी के लिये परिस्थितियां बनाई जा सकें।

दक्षिण एशिया समाजिक मंच का राष्ट्रीय बैठक मुलताई में 

डॉ. सुनीलम ने बताया कि दक्षिण एशिया समाजिक मंच के 1 से 5 मार्च 2014 को लखनउ कार्यक्रम की तैयारी बैठक मुलताई में 11 जनवरी को दोप. 3 वजे आयोजित की गई है दिल्ली, चैन्नई, लखनउ,काडमांण्डु  में अवतक आयोजित की गई है । बैठको में  250 से अधिक संगठनो एवं समुहो नें भागीदारी की है ।

मुलताई की तैयारी बैठक में कार्पोरेट की  जल जंगल जमीन की लुट के खिलाफ संघर्ष करने वालो के वीच सांमजस्य स्थापित कर प्रतिरोध की बडी ताकत खडी करने को लेकर विस्तृत चर्चा की जायेंगी ।

उल्लेखनीय हे कि विश्व समाजिक मंच की स्थापना ब्राजील में की गई थी अब तक दुनिया भर में कई कार्यक्रम आयोजित किये जा चुके है मुम्बई में 2003 में विष्व समाजिक मंच का कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें दुनिया भर से ढेड लाख प्रतिनिधियो ने भाग लिया था इसी वर्ष ट्युनिषिया में विष्व समाजिक मंच का आयोजित किया गया था जिसमें भारत के सैकडो प्रतिनिधियो ने भाग लिया था।

विश्व समाजिक मंच सामा्रराज्यवाद विरोधी एवं अतिवाद विरोधी मंच है जिसमें न्याय पर आधारित नई दुनिया का निर्माण के लिऐ कार्य कर रहे है जन संगठन स्वयं सेवी संस्थायें तथा विभिन्न मुद्दो पर कार्य करने वाले नेटवर्को के साथी अपने विचार तथा अनुभव सांझा करते है।

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एक दूसरे के संघर्षों से सीखना और संवाद कायम करना आज के दौर में जनांदोलनों को एक सफल मुकाम तक पहुंचाने के लिए जरूरी है। आप अपने या अपने इलाके में चल रहे जनसंघर्षों की रिपोर्ट संघर्ष संवाद से sangharshsamvad@gmail.com पर साझा करें। के आंदोलन के बारे में जानकारियाँ मिलती रहें।