चुटका में दुबारा जन-सुनवाई की नौटंकी: परमाणु ऊर्जा कारपोरेशन पिछली फजीहत के बाद इस बार मक्कारी की मुद्रा में

चुटका परमाणु संयंत्र परियोजना
जन-सुनवाई 31 जुलाई, 2013

साथियों,
हमें एक बार फिर अपनी पूर्ण ऊर्जा एवं जोश के साथ इस परियोजना के खिलाफ खड़े होना है। चुटका, टांटीघाट और कुंडा सहित आसपास के ग्रामीण, आदिवासी समाज के हक में हम अपनी सारी शक्ति एकत्रित कर आवाज बुलंद करे जिससे ये विनाशकारी परियोजना ना सिर्फ इस क्षेत्र में ना आने पाये वरन् सरकार ऐसी परियोजनाओं के कार्यान्वयन के पहले पुनर्विचार करें। चुटका परमाणु बिजलीघर परियोजना के खिलाफ संघर्ष में जो जन सैलाब जुडा, स्थानीय समुदाय को जो समर्थन मिला और राष्ट्रीय स्तर पर जो लोगों ने चुटका संघर्ष में सहभागिता की है, वह महत्वपूर्ण है और इसे बनाये रखना जरूरी है। कोशिश ये होनी चाहिए कि ये कडिया बिखरने ना पाये, बल्कि इनसे सबक लेकर जो कमिया रह गई थी उन्हें अब पूरा करने का समय आ गया है।

आशा है आप स्वयं एवं अपने साथियों सहित जन-सुनवाई के पूर्व इस परियोजना के खिलाफ संघर्ष में एकजुटता के साथ अपनी सहभागिता द्वारा स्थानीय ग्रामीण, आदिवासियों के हौसले बुलंद करेंगे।

राजकुमार सिन्हा (09424385139) नवरतन दुबे (09691375233)
अनिल कर्णे (09425384555)
चुटका परमाणु विद्युत परियोजना पर जन-सुनवाई 31 जुलाई, 2013 को मानेगांव (नारायणगंज), जिला-मण्डला में आयोजित की गई है। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व 24 मई, 2013 को शासन द्वारा यह प्रयास किया गया था किन्तु इस परियोजना के प्रभावितों एवं इनके समर्थक समूहों द्वारा किये गये जबरदस्त प्रतिरोध के चलते उक्त जन-सुनवाई को निरस्त करना पड़ा था। 
सरकार ने 31 जुलाई को मानेगांव (चुटका से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित एक गांव) में जन-सुनवाई की घोषणा कर दी है। इस बार सरकार ने बड़ी धूर्तता से चाल चलते हुए जन-सुनवाई को दूर की जगह पर तय किया है ताकि गरीब आदिवासी जनता वहाँ अधिक संख्या में पहुँच ही न पाए। सभी संगठनों ने यह स्पष्ट निश्चय जाहिर किया कि अगर सरकार जनता के खिलाफ अपनी मनमानी पर अड़ी है तो जनता के हौसले भी कम नही हुए हैं। इस बार भी इस झूठी सुनवाई का जबरदस्त विरोध जनता करेगी और सरकार को पीछे हटना पड़ेगा।

जन-संगठनों की  माँग है कि-
  • चुटका परमाणु ऊर्जा परियोजना सहित अन्य सभी प्रस्तावित परियोजनाओं को तत्काल रद्द किया जाए
  • भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम पर रोक लगाई जाए और सभी परमाणु संयंत्रों को बंद कर सुरक्षित तरीके से हटाया जाए
  • युरेनियम खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए
  • परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम से संबंधित हर जानकारी को सार्वजनिक किया जाए
  • वर्तमान ऊर्जा उत्पादन के अनावश्यक व विलासितापूर्ण उपभोग पर रोक लगाई जाए और ऊर्जा के समतामूलक वितरण व उपयोग की व्यवस्था की जाए
  • प्रदूषण-मुक्त ऊर्जा विकल्पों को बिना किसी भी तरह की मुनाफाखोरी या व्यवसायीकरण के जन-भागीदारीपूर्ण तरीकों से विकसित किया जाए।

चुटका परमाणु संघर्ष समीति; गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (म.प्र.); जन संघर्ष मोर्चा (म.प्र.); भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (म.प्र.); भारत की कम्युनिस्ट पार्टी – मार्क्सवादी-लेनिनवादी (म.प्र.); पीपल्स इनिशियेटिव अगेंस्ट न्युक्लियर पावर; ऑल इण्डिया स्टुडेंट्स फेडेरेशन (म.प्र.); क्रांतिकारी नौजवान भारत सभा (म.प्र.); अखिल भारतीय क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन (म.प्र.); गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन, भोपाल; मध्य प्रदेश महिला मंच; शिक्षा अधिकार मंच, भोपाल; वुमेन अगेंस्ट सेक्शुअल वॉयलेंस एंड स्टेट रिप्रेशन (म.प्र.)।

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