ओम्कारेश्वर बांध : घोघलगाँव में प्रभावितों की सभा और आन्दोलन की घोषणा

ओम्कारेश्वर परियोजना प्रभावित गांव घोघलगाँव में 30 मई को हजारों प्रभावितों ने रैली निकालकर आमसभा की. सभा में प्रभावितों हाल ही में राज्य सरकार द्वारा ओम्कारेश्वर प्रभावितों के लिए 212 करोड़ के पुनर्वास पैकज को विस्थापितों के संघर्ष की जीत बताते हुए भूमिहीन प्रभावितों को 2.5 लाख रूपये देने का स्वागत किया. प्रभावितों ने सरकार की किसानो को 2 लाख रूपये प्रति एकड़ देने को पुनर्वास नीति का उल्लंघन बताते हुए उसे अस्वीकार कर दिया. सभा में इंदिरा सागर, महेश्वर आदि बांधों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए और सभी ने आगामी 18 जून से भोपाल में हजारों की संख्या में डेरा डालने की घोषणा की. 

गत वर्ष के जल सत्याग्रह के लिए प्रसिद्ध ग्राम घोघलगाँव में हजारों प्रभावितों ने गाँव में रैली निकली और सत्याग्रह स्थल पर माँ नर्मदा की अर्चना की. सभी प्रभावितों में जश्न का माहौल था. रैली के बाद सत्याग्रह स्थल पर आमसभा का आयोजन किया गया. सभा को संबोधित करते हुए नर्मदा आन्दोलन के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री आलोक अग्रवाल ने कहा कि सरकार की घोषणा ओम्कारेश्वर बांध प्रभावितों के 7 साल के संघर्ष की जीत है पर यह पूरी नहीं आंशिक जीत है. भूमिहीनों के बारे में हमारी मांग पूरी तरह स्वीकार कर ली गयी है पर किसानो को पुनर्वास नीति के अनुसार न्यूनतम 5 एकड़ जमीन खरीदने के लिए सरकार ने सहायता नहीं देकर न सिर्फ पुनर्वास नीति बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का भी उल्लंघन किया है. सरकार द्वारा घोषित राशि से किसान किसी भी हालत में जमीन नहीं खरीद सकता है. उन्होंने इस आंशिक जीत के लिए देश- दुनिया से मिले समर्थन और मिडिया द्वारा संवेदना पूर्वक विस्थापितों की आवाज उठाने के लिए धन्यवाद् दिया.

आन्दोलन की प्रमुख कार्यकर्ता सुश्री चित्तरूपा पालित ने कहा सबसे गरीब को सबसे पहले सहायता मिलने से पुरे क्षेत्र में ख़ुशी है. जिस संकल्प और विश्वास से हमने अभी तक अपनी लड़ाई को इस मुकाम तक लाया है उसी के साथ हम अपने जमीन के अधिकार भी लेकर रहेंगे. उन्होंने मांग की कि सरकार भूमिहीनों को बसने के लिए न्यूनतम 6 माह का समय दे.

ओम्कारेश्वर बांध प्रभावित श्री मंसाराम ग्राम एखंड, श्री केसरसिंह ग्राम टोकी, सुश्री सकुबाई ग्राम कामनखेड़ा, सुश्री नीलाबाई ग्राम घोघलगाँव ने भूमिहीनों की घोषणा का स्वागत करते हुए किसानो के लिए हुई घोषणा को नकार दिया और घोषणा की कि उनके न्यूनतम 5 एकड़ सिंचित जमीन के अधिकार के लिए वो संघर्ष तेज करेंगे.

इंदिरा सागर परियोजना प्रभावित हरदा जिले के श्री रामविलास राठौर, खंडवा जिले के श्री राजेंद्र पटेल, देवास जिले से श्री ललित आदि ने कहा की इंदिरा सागर बांध के प्रभावितों को भी उनके पुनर्वास के अधिकार न देकर पूरी तरह उजाड़ दिया गया है और आगामी 18 जून से भोपाल में होने वाले “जीवन अधिकार सत्याग्रह में इंदिरा सागर प्रभावित हजारों की संख्या में शामिल होंगे.
महेश्वर परियोजना प्रभावित श्री राधेश्याम भाई और श्री कैलाश पाटीदार ने कहा कि गत 16 साल की लड़ाई के कारण ही महेश्वर बांध प्रभावित उजड़ने से बचे हुए हैं और महेश्वर परियोजनाकर्ता 15% भी पुनर्वास नहीं कर पाया है. उन्होंने घोषणा की कि भोपाल सत्याग्रह में महेश्वर बांध प्रभावित भी हजारों की संख्या में शामिल होंगे.

भोपाल के जीवन अधिकार सत्याग्रह में 18 जून को पूरी ताकत के साथ पहुंचे के संकल्प के साथ सभा का समापन हुआ. भोपाल में ओम्कारेश्वर, इंदिरा सागर, महेश्वर, मान और अपर बेदा बांध के हजारों प्रभावित 18 जून से 22 जून तक 5 दिन का सत्याग्रह व् उपवास करेंगे.
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