झारखण्ड : जल, जगल, जमीन, खनिज की लूट के विरोध में जनअभियान तेज

विस्थापन विरोधी नवनिर्माण मोर्चा के आहवान पर 10 मार्च 2013 से आरम्भ होनेवाला जन अभियान विभिन्न् जिलो मे प्रचार - प्रसार करतें हुए 17 मार्च को रांची पहुचा। शहीद बीर बिरसा समाधि स्थल पर विभिन्न् जिलों का जत्था पहुंचकर पुष्पाजति अर्पित कर संकल्प लिया कि झारखण्ड एंव देश में प्रचलित विनाशकारी विकासपनीति को बंद करेगे और किसी भी कीमत पर जमीन नही देगें, गांव के गणराज्य को मजबूत करेगे। पूरा समाधि स्थल गगनभेदी नारो से गूंजता रहा। विस्थापन विरोधी नवनिर्माण मोर्चा के बैनर तले तमाम आन्दोलनकारी नारा लगाते हुए अल्बर्ट एक्का चौक होते सत्यभारती सभागार पंहुंचे। 

यात्रा समापन अवसर पर एक दिवसीय कन्वेंशन सम्पन्न हूआ। इस कन्वेंशन का आरंभ जनगीतों के द्वारा हुआ जिसमें पूर्वी एवं सिहभूम, सरायकेला , रॉंची , हजारीबाग, धनबाद, बोकारों, बिरिडीह, दुमका, जामताड़ा, पलामू आदि जिलों से आन्दोलनकारी शामिल हुए। जंल - जगंल - जमीन और खनिज को बचाने की लड़ाई में सिंगूर , कलिंगनगर नन्दीग्राम, काठीकुड , नगड़ी इंत्यादी के संघर्षा में शहीद हुए साथियों को श्रद्वाजलि दी गइ। कन्वेंशन में उपस्थित आन्दोलनकारियों के बीच भू- अर्जन एंव पुनर्वास एंव पुंनस्थापन विधेयक, विस्थापन विरोंधी आन्दोलन में बिखराव के कारण और समाधान तथा बैकल्पिक विकास नीति पर अलग- अलग प्रस्तावित दस्तावेज अरविंद अंजुम, स्टेन सामी, शंभू महतों और मिथिलेश दांगी ने विचार के लिए प्रस्तुत किया। उपरोक्त दस्तावेजों के आधार पर कन्वेंशन में प्रस्ताव पारित कियें गये है।

कन्वेंशन में मुख्य रूप से मदन मोहन, जसवा कच्छप, मंथन, कुमार चंद मार्डी, बिरसा हेम्ब्रम, बाबूधन मुर्म, जेवियर कुजूर, सियाशरण शर्मा, चंद्रभूषण चौधरी, रोबिन समाजपति, विनय कुमार  राजकुमार गोराई, दिलीप आदि शामिल थे।

अध्यक्ष मंडली के सदस्यो का नाम -
1 दिलिप कुमार
2 केचा डे
3 कुमार चन्द्र मार्डी
4 मिथिलेश दांगी
5 राजकुमार गोरांई
6 बाबूधण मुर्म
7 चन्द्र भूषण चैधरी
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