बिहार राज्य आवास बोर्ड की मनमर्जी के खिलाफ दस्तक

पटना के दीघा आवासीय कॉलोनी के लोग पिछले तीन दिन से अपनी जमीन और घर बचाने के लिये बिहार राज्य आवास बोर्ड के विरोध में पटना के राजीव नगर पुल के पास धरना दे रहे है. पेश है आलोक कुमार की यह रिपोर्ट;

बिहार राज्य आवास बोर्ड द्वारा बुलडोजर चलाकर दीघा क्षेत्र के एक दर्जन लोगों के घरों को नुकसान पहुंचाया गया है। यहाँ पर सुशासन में खुल्लमखुल्ला मानवाधिकारों का हनन हो रहा है। बिहार राज्य आवास बोर्ड के कारनामे से दीघा क्षेत्र में बवाल मचा हुआ है। यह सिलसिला 38 साल से जारी है। माननीय उच्च न्यायालय, पटना और सर्वोच्च न्यायालय, दिल्ली तक सफर कर जाने के बाद भी मसला सलटा नहीं। अब तो यह थमने का नाम भी नहीं ले रहा है।



इस अधिग्रहरण को माननीय सर्वोच्च न्यायालय भी वैध करार दिया है। अपने आदेश में न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि जिनकी जमीन को अधिग्रहण की गयी है उनको जमीन की कीमत जल्द से जल्द भुगतान कर दी जाए। परन्तु बिहार राज्य आवास बोर्ड ने जमीन की कीमत काफी कम आंका है। और तो और किसानों की जमीन की कीमत देने में अक्षम साबित हुआ है। अब यह सवाल उठता है कि किसानों की जमीन को अधिग्रहण करने किसानों को कम कीमत देकर और ऊंची कीमत लेकर जमीन बिक्री करना जायज है। वहीं बिहार विधान सभा और राजनीतिज्ञों ने व्यवस्था दी है कि जिन लोगों का मकान बन गया है उन लोगों का मकान नहीं तोड़ा जाएगा। यहां भी सवाल उठता है कि एक के आशियाना ध्वस्त करके दूसरे को आशियाना देना कितना न्यायसंगत है। दीघा की जमीन में काफी पेंज है जिसे बिहार राज्य आवास बोर्ड ने दूर नहीं कर सका है।

रेणु कुमारी का कहना है कि हम लोगों ने किसानों से जमीन खरीदी है। तिनका जोड़-जोड़कर आशियाना बनाया गया है। सरकार ने यहां पर न्यूनतम आवश्यकता के अनुसार पानी,बिजली,सड़क,शोचालय आदि की व्यवस्था की है। एपीएल और बीपीएल कार्ड मुहैया कराया गया है। इस जमीन और घर पर मेरा अधिकार है किस हस्ति से बिहार राज्य आवास बोर्ड के द्वारा बुलडोजर चलाकर निर्मित घर को तोड़ा जा रहा है। यह तो खुल्लमखुल्ला मानवाधिकार का हनन हो रहा है। दीपक कुमार दुबे ने कहा कि पांच कट्टा जमीन की चारदीवारी की गयी है। पेयजल की व्यवस्था की गयी है। पाइप दौड़ाया गया है। इसे तोड़ दिया गया है। इसी तरह डीएन पाण्डेय,विष्णुकांत झा आदि का मकान ध्वस्त कर दिया गया है। कोई एक दर्जन लोगों के घरों को नुकसान पहुंचाया गया है।

इसके विरूद्ध में दीघा आवासीय कॉलोनी के लोग सड़क पर उतर गये। जिनके मकानों को क्षतिग्रस्त पहुंचाया गया और उनके समर्थन में उतर कर दीघा-आशियाना रोड को राजीव नगर पुल के पास जाम कर दिया। देखते ही देखते जनांदोलन में तब्दील हो गया।
सैकड़ों की संख्या में पुरूष और महिलाएं सड़क के किनारे धरना पर बैठ गये हैं। धरनार्थियों का कहना है कि मकानों को तोड़ने वालों ने महिलाओं और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किये। अश्लील बातों को वर्शा की तरह बरसाये। रीता देवी ने कहा कि ऐसा लग रहा कि सब के सब अमानुष बन गये थे।

धरना पर बैठे लोगों की मांग है कि राजीव नगर थाना में ही बिहार राज्य आवास बोर्ड का शिविर लगाया गया है। इसे तुरंत हटा ले जाएं। जिन अधिकारियों के इशारे पर तथा जिनके द्वारा घृणित कार्य किया गया है उन लोगों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करके गिरफ्तार किया जाएं और नौकरी से निलम्बित कर दी जाएं। जिनका घर तोड़ा और नुकसान पहुंचाया गया है सभी लोगों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाएं।

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