जेल में अनशनरत डॉ. सुनीलम को सुरक्षा मिले: मानवाधिकार आयोग को खुला पत्र


भोपाल जेल में बंद जनान्दोलान्कारी तथा किसान नेता डा सुनीलम ने जेल में एक कैदी को जेल पुलिस द्वारा पिटाई कर अधमरा कर देने के विरोध तथा बिचाराधीन कैदियों के मानवाधिकारों के सवाल को लेकर विगत 23 नवम्बर से जेल में उपवास पर हैं। आज उनके उपवास का पांचवा दिन है। इस बीच डा सुनीलम को जेल में हत्या और "सबक सिखाने" की धमकी भी मिल रही है। जेल में डा सुनीलम से मिलकर लौटे मानवाधिकार संगठनों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मांग की है की इस मामले में तुरंत दखल दे और जेल तथा मध्य प्रदेश शासन पर दबाव बनाये की डा सुनीलम और उनके साथियों तथा अन्य बिचाराधीन कैदियों के साथ कोई अन्याय न होने पाए। लखनऊ से मानवाधिकार कार्यकर्ता संदीप पाण्डेय सहित युवा संवाद के संपादक डा ऐ के अरुण, पी यू सी एल के रास्ट्रीय सचिव चितरंजन सिंह, कविता श्रीवास्तव व अन्य बुद्धिजीवियों / सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मांग की है कि जेल में डा सुनीलम और उनके साथियों के सुरक्षा एवं मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित कराई जाये।


प्रति,
अध्यक्ष,
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,
फरीदकोट हाउस, कोपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली – 1110001
दिनांक: 27 नवंबर, 2012
प्रेषक: संदीप पाण्डेय, सामाजिक कार्यकर्त्ता
A-893, इंदिरा नगर, लखनऊ – 226016, उत्तर प्रदेश
विषय: डॉ. सुनीलम की भोपाल जेल में जारी भूख-हडताल
आदरणीय अध्यक्ष जी,
मैं 23 नवंबर को भोपाल जेल में अनशन कर रहे मध्य प्रदेश में दो बार विधायक रह चुके डॉ. सुनीलम से मिला. उनकी तीन मांगें हैं:
  1. 22 नवंबर 2012 को भोपाल जेल में बंद बीमार कैदी युसूफ अनीस की निर्मम पिटाई करने वाले पुलिस कांस्टेबल सुनील पाठक के खिलाफ कारवाई की जाय.
  1. जेल मैन्युअल की कॉपी डॉ. सुनीलम को डी जाय, जिसकी मांग वो गिरफ्तारी के बाद से ही कर रहे हैं. लेकिन जेल के अधिकारी उन्हें मना कर रहे हैं.
  1. उन्हें जेल में पत्र भेजने और प्राप्त करने की अनुमति दी जाय. इन मांगों को उठाने के बाद मांझी नाम के एक पुलिस अफसर ने उन्हें दुष्परिणाम भुगतने के लिये तैयार रहने की धमकी दी है. 

मैं यह अनुरोध करता हूँ कि डॉ. सुनीलम की मांगें मानी जाएँ और जेल में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाय.
धन्यवाद सहित,
भवदीय
(संदीप पाण्डेय)



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