लोकतंत्र रामलीला मैदान में कैद, छिंदवाडा में सरकारी-कारपोरेट राज

छिंदवाडा में सत्याग्रह पर बैठी मेधा पाटकर
पिछले तीन दिनों में दिल्ली और छिंदवाडा पर एक साथ नज़र डालें तो यह साफ़ हो जाता है कि देश के सत्तावर्ग ने खुलकर कारपोरेट की ताकत के पक्ष में खड़े होने का फैसला कर लिया है. संविधान का लिहाज और बची-खुची आँख की शर्म भी धो डाली है.

कल दिन में जब दिल्ली के रामलीला मैदान में भाड़े की भीड़ को संबोधित करते हुए देश की सत्तासीन पार्टी के लोग लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रहे थे और खुद राहुल गांधी राजनीति से आम-आदमी के बाहर होने पर आंसू बहा रहे थे, उधर इसी पार्टी के लोग किसानों और आम लोगों के साथ-साथ इस देश के क़ानून और संविधान को भी अपने पैरों तले रौंद रहे थे.

दिल्ली और छिंदवाडा के बीच की दूरी सिर्फ भौगोलिक नहीं है, एक ही देश के अंदर ये दो जगहें अब सत्त्तावार्ग के दो चेहरों का नाम बन चुकी हैं. कल जब कांग्रेस दिल्ली में अपनी राष्ट्रीय महारैली में व्यस्त थी,  इसी पार्टी का पूर्व-विधायक, गंभीर सिंह चौधरी, अपने गुर्गों के साथ बामनवाड़ा में शांतिपूर्ण धरने पर बैठे किसानों को खुद खडा होकर पिटवा रहा था. यह सब प्रशासन की धारा 144 के तले हो रहा था, जिसमें घोषित तौर पर किसी भी बाहरी व्यक्ति को इलाके में घुसने की इजाज़त नहीं होती. लेकिन धारा 144 सिर्फ पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्त्ताओं को रोकने के लिए लगी थी. कल रात जब ये गंभीर सिंह चौधरी मेधा जी से मिलाने के लिए गया, उसके ठीक 15 मिनट बाद मेधा और उनके इक्कीस साथियों को सत्याग्रह से उठाकर जेल में डाल दिया गया.
पेंच व्यपवर्तन परियोजना का विरोध करते ग्रामीण

लोकतंत्र और आम लोगों पर यह हमला पेंच व्यपवर्तन परियोजना के लिए जबरन भूमि अधिग्रहण के मामले में सरेआम किया जा रहा है.

ज्ञात  हो कि डॉ. सुनीलम को उम्रकैद की सज़ा होने के बाद से ही बाम्हनवाड़ा में प्रशासन का शिकंजा कसा हुआ है. दो दिन पहले ही एडवोकेट आराधना भार्गव जो अपनी माँ ,की तेरहवीं में शामिल होने छिंदवाडा आई थीं, को भी पेंच परियोजना के सिलसले में ही उठाकर जेल में डाल दिया गया है.



छिंदवाडा में धरने पर बैठी मेधा पाटकर गिरफ्तार

(साभार देशबंधु )

मध्यप्रदेश के छिंदवाडा जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर पेंच बांध परियोजना में भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों के आंदोलन में शामिल होने आयी नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को आज रात गिरफ्तार कर लिया गया |

पुलिस सूत्रों के अनुसार सुश्री मेधा पाटकर को रात्रि में पुलिस कर्मचारी एक गाडी में लेकर आए और यहां जेल में बंद कर दिया |

उनके कुछ सहयोगियों को भी पुलिस अपने साथ कहीं ले गयी है.

इसके पहले प्रशासन द्वारा गांव में जाने से रोके जाने पर वह दिन में धरने पर बैठ गईं थीं1 जिले के चौरई विकासखंड के माचागोरा और बाभनवाडा में किसान और ग्राम पंचायत भूमि अधिग्रहण के विरोध में लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं1 इसी आंदोलन में शामिल होने के लिए सुश्री पाटकर आज ट्रेन से यहां पहुंची1 इसके बाद जिला कलेक्टर महेश चंद्र चौधरी ने सुश्री पाटकर को बताया कि उन्हें गांव में जाने की इजाजत नहीं है1 इसके बाद वह जिला प्रशासन के विरोध में यही पर पूर्वाह्न लगभग 11.0 बजे से अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं.

इस दौरान मीडिया से चर्चा में सुश्री पाटकर ने आरोप लगाया कि प्रशासन जबरन किसानों की जमीन पर निजी कंपनी के ठेकेदारों से निर्माण करवा रहा है1 उन्होंने कहा कि ग्रामसभा और किसानों की मंजूरी के बगैर ही उनकी जमीन पर बांध के नाम पर निजी कंपनी के बिजलीघर को बनवाने के लिए प्रशासन और राज्य सरकार आम आदमी का दमन कर रही है1
कलेक्टर महेश चंद्र ने बताया कि पेंच परियोजना के लिए निर्माण कार्य पहले से ही चल रहा है1 गांव में कानून..व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है.
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