दयामनी की हिरासत बड़ी, नगड़ी में पुलिस के साए तले निर्माण का अदालती फरमान जारी

नगड़ी मामला: कड़ी सुरक्षा में करायें निर्माण

(प्रभात खबर) झारखंड हाइकोर्ट ने सरकार से कहा है कि नगड़ी में प्रस्तावित लॉ यूनिवर्सिटी के निर्माण में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए.

इसका निर्माण तेजी से हर हाल में सुनिश्चित कराया जाये. निर्माण स्थल पर सुरक्षा मुहैया करायी जाये, चाहे इसके लिए सीआरपीएफ या सीआइएसएफ के जवानों को क्यों न लगाना पड़े.

नगड़ी में अधिग्रहीत जमीन पर लॉ यूनिवर्सिटी का तेजी से निर्माण के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस प्रकाश टाटिया और जस्टिस जया राय की खंडपीठ ने बुधवार को कहा : सरकार आवश्यकतानुसार सुरक्षा बलों का सहयोग लेकर निर्माण स्थल पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करे. सरकार ऐसा नहीं करती, तो संबंधित अफसरों के खिलाफ अवमाननावाद चलाया जायेगा. खंडपीठ ने कहा : रूल ऑफ लॉ का हर हाल में पालन किया जाये ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आये. सरकार स्टेटस रिपोर्ट दायर करे. अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी.


अभी-अभी: कल झारखंड हाईकोर्ट के इस बयान के बाद कि नगड़ी में निर्माण कार्य जारी रखने के लिए पुलिस और सुरक्षा बल की तैनाती हो, स्थानीय लोगों ने आन्दोलन तेज कर दिया है. आज सुबह पांच बजे ग्रामीणों ने परियोजना की दीवार को तोड़ दिया है और पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है. 

ज्ञात रहे कि दयामनी बारला को जमानत मिलाने के बावजूद नगड़ी आंदोलन से जुड़े प्रकरण में जेल में रखा गया है. कल उनकी हिरासत की अवधि को सेशन कोर्ट द्वारा 14 दिन के लिए बढ़ाया गया और दूसरी तरफ झारखंड हाईकोर्ट ने नगड़ी परियोजना के पक्ष में सुरक्षा बल मुहैय्या कराने का बयान दिया. हमें इस आंदोलन के बरअक्स न्यायालयों की भूमिका और उनकी पक्षधरता को भी समझना होगा.

पेश है रांची से आलोका की रिपोर्ट:

पिछले दो दिन से सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बरला की रिहाई की मांग को लेकर झारखंड दिशोम पार्टी के बैनर तले राजभवन के समक्ष प्रदर्शन हो रहा है.

इस दौरान झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन, मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा व राज्य सरकार के मंत्रिमंडल सदस्यों के रूप में 13 सिरवाले रावण का पुतला दहन किया गया. इसके बाद तीन सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन राज्यपाल के नाम प्रेषित किया गया. इसमें कहा गया है कि मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए दयामनी बरला को जेल भेजा गया है, ताकि आंदोलन प्रभावित हो.

ज्ञापन में कहा गया है कि दयामनी बरला व उनके जैसे अन्य नेताओं पर नगड़ी से जुड़े सभी मुकदमे वापस लिए जायें. दूसरे बिंदु में कहा गया है कि विकास के नाम पर झारखंड में जबरन भू अधिग्रहण, विस्थापन और पलायन हो रहा है. बाहरी आबादी की बाढ़ लाकर झारखंडियों को विनाश की ओर ढकेला जा रहा है. इस मुद्दे को लेकर जेडीपी की ओर से 15 नवंबर से हुलगुलान क्रांति प्रारंभ करने की बात कही गयी है. इसके तहत एक माह तक सभी मंत्रियों का जिलेवार पुतला दहन किया जायेगा. तीसरे बिंदु में राज्यपाल से पब्लिक नोटिफिकेशन और रेगुलेशन द्वारा नगड़ी की भूमि रैयतों को वापस करने की मांग की गयी है. प्रदर्शन में झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा व असम से आये जेडीपी कार्यकर्ता शामिल थे. मौके पर सालखन मुरमू, केएन पंडित, फैसल अनुराग, अरुण प्रधान, फादर स्टेन स्वामी सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया.


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