लोकतंत्र सलाखों के पीछे: डॉ. सुनीलम की पत्नी का पत्र

मुलताई गोलीकांड में 14 साल बाद पिछली 18 अक्टूबर को फ़ैसला आया और जैसा कि अंदेशा था, डा. सुनीलम समेत तीन लोगों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनायी गयी। डा. सुनीलम पर अब तक 8 बार जानलेवे हमले किये गये है। उनके खिलाफ 133 फर्जी केस दर्ज किए गए, जिनमें से 3 मामलों में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वंदना मिश्रा ने  22 अक्टूबर को भोपाल जेल में डा. सुनीलम से मिलने के बाद एक पत्र लिखा है जिसे हम यहाँ पर प्रकाशित कर रहे है;

साथियों,
मैं डॅाक्टर सुनीलम से 22 अक्टूबर को भोपाल में मिली थी, वे ठीक हैं। उनकी सजा से लोगों को यह बात अच्छी तरह से समझ आ गई होगी कि भारत में कानून व्यवस्था का क्या आलम है। एक ओर जहां देश में जो लोग 24 किसानों की गोली मारकर जान ले लेते हैं और 150 लोगों को घायल कर देते हैं, उनकों कोई सजा नहीं दी जाती है लेकिन दूसरी ओर जो लोग गरीब किसानों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं उन्हें आजीवन कारावास की सजा देकर जेल भेज दिया जाता है। जैसा कि डॅाक्टर सुनीलम द्वारा बताया गया उसके अनुसार उन्हे सजा दिए जाने के पीछे तीन मुख्य कारण हैं- 

जैसा कि आप जानते हैं कि 12 जनवरी, 1998 को डॅाक्टर सुनीलम द्वारा चलाए जा रहे किसान आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस ने गोली चलाई थी और जिसमें 24 किसानों की जान चली गई थी व 150 अन्य घायल हो गए थे। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिगविजय सिंह चाहते थे कि डॅाक्टर सुनीलम को मार दिया जाए ताकि इस आंदोलन को दबाया जा सके। उन्होंने डॅाक्टर सुनीलम को मारने के लिए एक फर्जी एनकाउंटर की योजना बनाई थी। इसके बावजूद डॅाक्टर सुनीलम आज भी हमारे बीच मौजूद हैं। डॅाक्टर सुनीलम पर 66 कोर्ट केस लगाए गए और इनमें से तीन केस मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा झूठे गवाहों की गवाही के आधार पर लगाए गए और उन्हें उम्रकैद की सजा मिली। सुनीलम को सजा दिए जाने के पीछे कारण इस प्रकार हैं-
  1. कमल नाथ और शिवराज सिंह चौहान छिन्दवाड़ा में चार योजनाओं को शुरू करना चाहते हैं, जो फिलहाल बंद हैं।
  2. सुनीलम को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार देने के लिए।
  3. हाल ही में सुनीलम रालेगढ़ सिद्धी में अन्ना हजारे से मिले थे और उन्होंने इस बात पर विचार विमर्ष करने के बाद यह फैसला किया था कि वे मिलकर मध्य प्रदेश के उन 13 मंत्रियों के खिलाफ आंदोलन चलाएंगे जिनके खिलाफ लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। भाजपा के मंत्रियों के खिलाफ अन्ना हजारे ने भोपाल आकर आंदोलन का समर्थन करने की सहमति दी थी।
जब  सरकार को इस बात की खबर हुई तो डॉक्टर सुनीलम को जेल की सजा सुना दी गई। उन्होंने अपने जीवन पर हुए 8 हमलों का सामना किया है। उनके खिलाफ 133 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 3 मामलों में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
इस संदर्भ में मैं आपको एक ई-मेल भी भेज रही हूं।
सादर
वंदना मिश्रा
पत्नी डॉक्टर सुनीलम


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