भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान का आत्महत्या का प्रयास


फतेहाबाद जिले के गोरखपुर गांव में प्रस्तावित परमाणु संयंत्र के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान बदलू राम ने 13 जुलाई 2012 की शाम को कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की। किसान बदलू राम को गंभीर हालत में फतेहाबाद स्थित सिवाच अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डा. राजेंद्र शर्मा का कहना है कि बदलू राम की हालत अब ठीक है। 


उल्लेखनीय है कि गोरखपुर गांव में लगाए जाने वाले संयंत्र के लिए जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसान लगभग 2 साल से लगातार धरने पर बैठे हैं। अब तक भूमि अणिग्रहण के विरोध में तीन किसान अपनी जान दे चुके है। बदलू राम भी 2010 से किसान संघर्ष समिति का सक्रिय साथी है और शुरू से ही अधिग्रहण के विरोध में चल रहे धरने पर बैठा है। 52 वर्षीय बदलू राम की 26 एकड़ भूमि अधिग्रहण की चपेट में आ रही है। 

अभी पिछले महीने की 27 जून को गोरखपुर गांव में खड़ी फसलों का आंकलन करने एक सर्वे टीम पहुंची। किसानों ने साफ तौर पर किसी सर्वेक्षण से मना कर दिया। सर्वे टीम को कई घंटों तक रोके रखा और उनसे सवाल-जवाब किए। प्रशासन ने किसानों को सबक सिखाने के लिए नायब तहसीलदार की शिकायत पर 28 जून 2012 को गोरखपुर गांव के 50 किसानों के विरूद्व सरकारी कार्य में बाधा डालने, कर्मचारियों के साथ मारपीट करने, रिकार्ड को जलाने तथा जाति सूचक गाली देने के आरोप में केस दर्ज कर दिया। इन 50 किसानों के नामों में बदलू राम का नाम भी शामिल है। बदलू राम को जब से पता चला कि उस पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है तब से वह मानसिक दबाब में था। इसी मानसिक दबाब के चलते बदलू राम ने 13 जुलाई को अपनी जान देने का प्रयास किया है।

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