सर्वे टीम को वापस किया आदिवासी महिलाओं की एकजुटता ने


पश्चिम सिंहभूम (झारखण्ड) जिले के नोआमण्डी ग्राम पंचायत क्षेत्र के गांव से सरकारी सर्वे टीम को गांव की आदिवासी महिलाओं ने 30 जुलाई 2011 को वापस खदेड़ दिया। हुआ यूं कि गांव में कुछ सर्वे (भूमि का सर्वे) का काम करने के लिए एक सरकारी सर्वे टीम आ टपकी....


इस पंचायत के आसपास के क्षेत्रों में जिंदल-भूषण जैसी कम्पनियां सरकार की मदद से भूमि कब्जाने के चक्कर में हैं- इस बात को जानते हुए वहां के आदिवासी हमेशा चौकन्ने रहते हैं। वे स्थानीय दलालों, कम्पनी के एजेंटों तथा सरकारी तंत्र की साजिशों से निपटने के लिए तत्पर तथा संघर्षरत हैं। जैसे ही गांव की महिलाओं, जो धान के खेतों में काम कर रही थीं, को पता चला कि सरकारी सर्वे टीम आयी है उन्होंने टीम के सभी सदस्यों को घेर लिया और यह पूछा कि क्या उन्होंने गांव में प्रवेश करने या सर्वे करने के लिए ग्रामसभा से नियमानुसार अनुमति ली है। जब इसका जवाब न में मिला तो आदिवासी महिलाओं ने सर्वे टीम को जबरियन गांव में प्रवेश का अपराधी बताते हुए गांव से बाहर खदेड़ दिया। महिलाओं ने टीम के लोगों से कहा कि यह क्षेत्र संविधान की 5वीं अनुसूची के अन्तर्गत आता है अतएव यहां पर कोई भी सरकारी या गैर सरकारी कार्य ग्रामसभा की अनुमति के बगैर नहीं किया जा सकता, साथ ही टीम के लोगों को दुबारा न आने की चेतावनी भी दी। -सुभाष गाइली
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