शहीद भगत सिंह को मजदूरों का सलाम : शहीदों के सपनों को साकार करने का लिया संकल्प


राजस्थान निर्माण एवं जनरल मजदूर यूनियन की अगुवाई में जयपुर में शहीद भगत सिंह, राजगुरू एवं सुखदेव के शहादत दिवस के अवसर पर असंगठित मजदूरों के बीच तीन कार्यक्रम आयोजित किये गये। पेश है जयपुर से हरकेश बुगालिया की रिपोर्ट-


पहला कार्यक्रम: 23 मार्च 2012 की सुबह वैशाली नगर के मजूदर चौखटी पर असंगठित मजूदरों के बीच बैठक का आयोजन किया गया।

दूसरा कार्यक्रमः बगराना कच्ची बस्ती में बैठक आयोजित की गयी जिसमें घरेलू कामगार महिलाओं ने भाग लिया।

तीसरा कार्यक्रम: नाडी का फाटक, बैनाड रोड़ पर सायं 6 बजे एक बैठक का आयोजन किया गया।
इन कार्यक्रमों में हुई चर्चा से मुख्यतौर पर निकल कर आया हालातों में ज्यादा परिवर्तन नहीं हुआ। आज भी देश में करोड़ों लोग 20 रु. रोज में जीवन जीने को मजबूर हैं। महंगाई व बेरोजगारी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। लाखों किसान आत्महत्या कर चुके हैं, नौजवानों के पास रोजगार नहीं है। श्रमिक कानूनों में पूंजीपतियों को फायदा देने के लिए बदलाव किया जा रहा है। भारतीय उपभोक्ता को देशी-विदेशी बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ अपने चुंगल में फँसा चुकी हैं। देश व समाज की प्राकृतिक सम्पदा जल-जंगल-जमीन से किसानों-   मजदूरों व आम भारतीय जनता को लाठी के बल पर बेदखल किया जा रहा है जिससे मेहनतकश गरीब लोग शहरों में रोजगार की तलाश में दर-दर की ठोकर खा रहे हैं और अपमानित जीवन जीने को मजबूर हैं।

कार्यक्रम के अंत में संकल्प लिया गया कि हम समतावादी लोकतांत्रिक भारत के निर्माण हेतु चलाये जा रहे आन्दोलन में अपनी क्षमता अनुसार योगदान करेंगे। विकास के नाम पर मुनाफा आधारित सरकारी नीतियों का विरोध करते हुए प्रकृति व मानव समाज के बीच संतुलन पैदा करने वाली तथा मानव समाज के विकास वाली नीतियों का समर्थन करने, जिससे प्रकृति व मानव जिन्दा रह सकें, का रास्ता तय किया गया। शहीदों के सपनों को साकार करने का संकल्प लिया गया।

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