किसानों का विधान सभा के समक्ष प्रदर्शन एवं धरना

नवलगढ़ के आंदोलनकारी किसान 16 मार्च 2011 को जयपुर शहर के 22 गोदाम पुलिया के नीचे एकत्रित होकर अपना जुलूस बनाकर विधान सभा के समक्ष प्रदर्शन करने के लिए आगे बढ़े। प्रदर्शनकारी ‘‘भूमि-अधिग्रहण वापस लो’’, ‘‘सरकार और कम्पनियों की तानाशाही नहीं चलेगी’’, ‘‘कम्पनियों से यारी, किसानों से गद्दारी नहीं चलेगी’’ तथा ‘‘किसान मजदूर एकता जिंदाबाद’’ का नारा लगाते हुए भूमि-अधिग्रहण विरोधी किसान संघर्ष समिति का बैनर आगे-आगे लेकर चल रहे थे। इस जुलूस के साथ जयपुर के मजदूर यूनियन के नेता तथा कार्यकर्ता भी शामिल थे।

जुलूस विधान सभा के समक्ष पहुंचकर एक विरोध सभा तथा धरने में बदल गया। इस सभा को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता तथा विधायक कामरेड पेमाराम समेत सरपंच दीप सिंह शेखावत (किसान संघर्ष समिति), का. भोलाराम चौधरी (किसान सभा), श्रीराम दूत (शेखावटी किसान एकता मंच), का. हरकेश बुगालिया (राजस्थान निर्माण एवं जनरल मजदूर यूनियन) तथा सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र कुंबज ने भी संबोधित किया।
विधायक पेमाराम ने कहा कि हमने भूमि-अधिग्रहण के मसले पर विधान सभा के अंदर पुरजोर तरीके से बातों को रखा है। उन्होंने विधान सभा के अंदर तथा बाहर सड़कों पर उतरकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। का. पेमाराम ने जल-जंगल-जमीन बचाने के लिए चलने वाले संघर्षों को एकजुट करने की अपील की। अन्य वक्ताओं ने भी जमीनें न छोड़ने की बात जोरदार तरीके से रखी।

धरने के अन्त में राज्य के मुख्यमंत्री को सम्बोधित मांग-पत्र देते हुए भूमि-अधिग्रहण की अधिसूचना वापस लेने की मांग की गयी।
  
शहीद भगत सिंह के बलिदान दिवस पर संघर्ष तेज करने का संकल्प
झुँझुनू जिले की नवलगढ़ तहसील में शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की शहादत की तारीख 23 मार्च को शहीद भगत सिंह विचार मंच द्वारा आयोजित संकल्प सभा में जहां एक तरफ स्मारिका का विमोचन किया गया, भगत सिंह के विचारों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गयी, वहीं दूसरी तरफ कारपोरेट-सरकार गठजोड़ से की जा रही भूमि-अधिग्रहण की साजिशों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया।
एक प्रस्ताव पारित करके नवलगढ़ में प्रस्तावित भूमि-अधिग्रहण को वापस लेने की मांग की गयी।

भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का शक्ति प्रदर्शन 
राजस्थान में झुँझुनूं जिले के नवलगढ़ कस्बे में सीमेंट प्लांट विरोधी आंदोेलन पिछले 6 महीने से चल रहा है। इस आंदोलन  के खिलाफ गलत प्रचार को खत्म करने व आंदोलन में जान फूंकने के लिए नवलगढ़ भूमि अधिग्रहण विरोधी किसान संघर्ष समिति ने कंपनियों की दलाली करने वाले क्षेत्रीय विधायक जो राज्य की कांग्रेसी सरकार के चिकित्सा राज्य मंत्री हैं, की चुनौती को स्वीकार करते हुए 6 फरवरी 2011 को ग्राम बसावा मे हजारों किसानों की प्रतिरोध सभा आयोजित कर मंत्री व उसके गुर्गों द्वारा किये जा रहे गलत प्रचार को नाकारा साबित कर दिया है। गत दिनों से मंत्री जी के गुर्गों ने किसानों को हताश-निराश करने के लिए यह प्रचार शुरू कर रखा था कि ‘‘मैं क्या करूँ, हमारे क्षेत्र का किसान लड़ना यानि संघर्ष करना ही नहीं चाहता।’’

इस सभा में जनदबाव के चलते क्षेत्रीय विधायक राजकुमार शर्मा, सांसद शीशराम ओला सहित सभी पार्टियों के नेतागणों को आना पड़ा। सभी नेताओं और वक्तओं ने किसानों के इस भूमि बचाने के संघर्ष में सहयोग देने का वादा किया। सभा को जिले के सांसद शीशराम ओला, क्षेत्रीय विधायक व राज्य चिकित्सा मंत्री राजकुमार शर्मा, नवलगढ़ क्षेत्र की पूर्व विधायक श्रीमति प्रतिभासिंह, माकपा पार्टी की किसान विंग के नेता भोलाराम, श्रीचन्द डूडी, पूर्णमल आजाद, संघर्ष समिति के संयोजक वर्तमान सरपंच दीपसिंह शेखावत सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।

किसान एकताबद्ध होकर संघर्ष करना चाहते थे। लेकिन आये हुए नेतागण निहित स्वार्थों के चलते मंच पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हुए थे, फिर भी जागरूक आंदोलनकारी नेताओं वाली भूमि बचाओ किसान संघर्ष समिति ने भावी कार्यक्रम के लिए नवलगढ़ में चल रहे धरने की संयोजन समिति की बैठक बुलाकर भावी आंदोलन की रणनीति बनाने की घोषणा की।
-हरकेश बुगालिया, जयपुर से
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