भूमि-अधिग्रहण के खिलाफ संयुक्त बैठक: दिल्ली चलो का ऐलान

बीजू भवन, श्यामचरनपुर, ढेंकनाल में 18-19 जुलाई 2011 को उड़ीसा के विभिन्न जन संघर्षों के प्रतिनिधियों का दो दिवसीय कनवेंशन भूमि की लूट एवं जन संघर्षों के दमन के मुद्दे पर सम्पन्न हुआ। इस कनवेंशन का आयोजन ओडिसा जन संघर्ष समन्वय द्वारा किया गया था।
कनवेंशन में आये प्रतिनिधयों ने भूमि की लूट के खिलाफ किये जा रहे अपने संघर्षों तथा राज्य नियोजित दमन के बारे में विस्तार से बताया। राज्य द्वारा 1.7 लाख हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण लोकहित के नाम पर किया जा चुका है तथा आगे यह षड्यंत्र किया जा रहा है कि गांव की चारों दिशाओं की जमीन अधिग्रहीत करके बीच में स्थित जमीनों के मालिकों को जमीन बेचने को विवश किया जा सके।

कनवेंशन ने केन्द्रीय सरकार तथा उसकी एन.ए.सी. की और हरियाणा तथा उ.प्र. सरकारों की भूमि अधिग्रहण की नीतियों की आलोचना करते हुए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में विभिन्न जन संघर्षों द्वारा साझे तौर पर दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन को कामयाब बनाने की अपील करते हुए 3 अगस्त को दिल्ली पहुंचने का ऐलान किया है।

सम्मेलन ने मुद्दों को रेखांकित करते हुए साझे संघर्षों की जरूरत को एक बार फिर से दोहराया।

कनवेंशन में कल्याण आनन्द, प्रशांत मिश्रा, अर्जुन, भिखारी प्रधान, बिरजा नायक, धुरजतीदास, लिंगराज आजाद, अमूल्य भाई, अनन्त भाई, विश्वजीत राय, लिंगराज, तपन भाई, नरेन्द्र भाई, बिनीता आपा, जयसेन मेहर, प्रफुल्ल सामंत रा, निशीकांत महोपात्रा ने अपने विचार रखे।  -कल्याण आनन्द, उड़ीसा  से 
  
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