शोषण-अन्याय, प्राकृतिक संसाधनों की लूट एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ : 30 जिलों में जन सम्पर्क यात्रा का फैसला

ओडिशा राज्य के विभिन्न जनसंघर्षों ने सूचना अधिकार अभियान की पहल पर गांधी जयंती के दिन 2 अक्टूबर 2011 से 4 नवंबर 2011 तक राज्य के 30 जिलों में शोषण-अन्याय-प्राकृतिक संसाधनों की लूट एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ जन जागरण का निर्णय लिया है। इस जन जागारण यात्रा का उद्देष्य छात्रों-नवजवानों को जागरूक एवं एकजुट करना है जिससे वे राज्य में चल रहे जन संघर्षों के समर्थन में खड़े हो सकें और शोषण-अन्याय-प्राकृतिक संसाधनों की लूट तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक संघर्ष के भागीदार बन सकें। इसके लिए छात्रों-नवजवानों को विभिन्न जन संघर्षों के अगुवाकारों द्वारा संघर्ष के मुद्दों, संघर्ष के कारणों, संघर्ष में मौजूद ताकतों, संघर्षों के अर्जित अनुभवों तथा संघर्ष के समक्ष खड़ी चुनौतियों के बारे में 70 से ज्यादा स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों के जरिये बताया जायेगा।
यह जन जागरण यात्रा एक वाहन के जरिये 30 जिलों के 70 ब्लाकों तक पहुंचेगी। इस यात्रा में शामिल 15 लोगों की टीम के साथ एक सांस्कृतिक दस्ता भी होगा जो नुक्क्ड़ नाटकों, गीतों, के जरिये लोगों को जागरूक करने एवं संघर्ष हेतु प्रेरित करने का भी कार्य करेगा।

यह जन जागरण यात्रा वेदांत कम्पनी विरोधी आंदोलन, वेदांत वि.वि. विरोधी आंदोलन, कलिंग नगर के आंदोलन, पोस्को विरोधी आंदोलनों के क्षेत्रों में भी जायेगी। इन क्षेत्रों के आंदोलनकारी संगठन अपने-अपने क्षेत्र में यात्रा के पहुंचने पर बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही चिल्का एवं गंदमारदन आंदोलन के पुराने आंदोनकारी भी शामिल रहेंगे।

2 अक्टूबर को यात्रा शुरू करने से पहले 30 सितंबर को भुवनेश्वर में प्रेस वार्ता की जायेगी और 4 नवंबर को यात्रा की समाप्ति भुवनेश्वरम में लोहिया एकेडमी में विचार-विमर्श तथा आगामी योजनाओं की घोषणा के साथ समाप्त होगी।  -कल्याणेश आनंद, भुवनेश्वर से 
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